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“अंतिम संस्कार का वीडियो भेज देना...” 3 बेटियां नहीं पहुंचीं पिता की विदाई में, आखिरी वक्त तक करते रहे इंतजार

हर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए पूरी जिंदगी मेहनत करते हैं, लेकिन कभी-कभी हालात भावुक कर देने वाले मोड़ पर पहुंच जाते हैं। सोनीपत से सामने आई एक घटना में एक बुजुर्ग पिता की अंतिम विदाई बेटियां वीडियो कॉल के जरिए देख पाईं। यह मामला रिश्तों और जिम्मेदारियों पर चर्चा का विषय बन गया है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Aug 06, 2026 पर 9:59 AM
“अंतिम संस्कार का वीडियो भेज देना...” 3 बेटियां नहीं पहुंचीं पिता की विदाई में, आखिरी वक्त तक करते रहे इंतजार
लंबी बीमारी से जूझ रहे शिवचरण का मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे निधन हो गया।

हर माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कई त्याग करते हैं, लेकिन कई बार जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर हालात बेहद भावुक कर देने वाले बन जाते हैं। हरियाणा के सोनीपत से सामने आई एक ऐसी ही घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है, जहां एक बुजुर्ग पिता की अंतिम विदाई उनके परिवार की गैरमौजूदगी में हुई। उनकी तीनों बेटियां अलग-अलग जगहों पर होने के कारण अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकीं और उन्हें वीडियो कॉल के जरिए पिता को आखिरी विदाई देनी पड़ी।

इस घटना ने रिश्तों, जिम्मेदारियों और बदलते पारिवारिक हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पिता की पूरी जिंदगी अपने बच्चों की परवरिश और शिक्षा में समर्पित रही। उनकी अंतिम यात्रा वृद्धाश्रम प्रबंधन और स्थानीय लोगों की मदद से पूरी की गई।

मुंबई से सोनीपत तक का सफर

शिवचरण राम रतन गुप्ता मूल रूप से मुंबई के रहने वाले थे और कपड़ा कारोबार से जुड़े थे। बढ़ती उम्र में वह अपनी पत्नी मीना के साथ सोनीपत के वेस्ट राम नगर स्थित समाज कल्याण शिक्षा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में रहने लगे थे। करीब डेढ़ साल पहले दोनों यहां आए थे, लेकिन कुछ समय पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया। इसके बाद शिवचरण अकेले ही वृद्धाश्रम में रह रहे थे।

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