Wipro Placement: देश की चौथी सबसे बड़ी IT कंपनी विप्रो को अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 10,000-12,000 छात्रों की भर्ती की उम्मीद है। कंपनी ने शुक्रवार, 17 जनवरी को अपने दिसंबर 2024 तिमाही के आंकड़ों की घोषणा की। विप्रो के कर्मचारियों की संख्या में चालू वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही यानि अक्टूबर-दिसंबर में 1,157 कर्मचारियों की कमी आई। तिमाही में कर्मचारियों की संख्या 2,32,732 रही, जबकि जुलाई-सितंबर 2024 तिमाही में यह संख्या 2,33,889 और वित्त वर्ष 2023-24 की दिसंबर तिमाही में 2,39,655 थी।
कंपनी हर तिमाही में 2,500-3,000 फ्रेशर्स को अपने साथ जोड़ना जारी रखेगी। इसका मतलब है कि हर वित्त वर्ष में 10,000-12,000 फ्रेशर्स को विप्रो में हायर किया जाएगा। विप्रो के चीफ एचआर ऑफिसर सौरभ गोविल ने कहा, "कैंपस हायरिंग के मामले में इस वित्त वर्ष में हम 10,000 के मार्क से थोड़ा नीचे रहेंगे। अगले वित्त वर्ष के लिए हम स्पष्ट हैं कि हम हर तिमाही 2500-3000 छात्रों की हायरिंग के बीच बने रहेंगे, इसलिए हम वित्त वर्ष में 10,000-12,000 छात्रों की हायरिंग तक पहुंचना चाहते हैं।"
पेंडिंग ऑफर्स का बैकलॉग क्लियर
विप्रो बहुत ज्यादा हायरिंग करने का या ऐसे ऑफर देने का इरादा नहीं रखती है, जिसे वह एब्सॉर्ब न कर सके। गोविल ने कहा कि कंपनी ने सबक सीख लिया है और अब अधिक सतर्क लेकिन अधिक सुसंगत होना चाहती है। गोविल ने कहा कि कंपनी ने अपने सभी पेंडिंग ऑफर्स के बैकलॉग को क्लियर कर लिया है।
H-1B वीजा पर क्या बोली कंपनी
कंपनी ने अमेरिका में H-1B वीजा व्यवस्था में होने वाले बदलावों को लेकर किसी भी चिंता को कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि उसके कर्मचारियों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा अमेरिकी लोगों का है। गोविल ने कंपनी के तिमाही आंकड़ों की घोषणा करते हुए कहा, “आज अमेरिका में हमारे कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वहां के लोकल्स का है। हमारे पास H-1B वीजा का अच्छा भंडार है। इसलिए हम जब भी जरूरत होगी, लोगों को मूव कर सकते हैं...अगर मांग बढ़ती है, तो सप्लाई साइड हमारे लिए बाधा नहीं बनेगी।”