Yes Bank Deal: सुमितोमो मित्सुई, SBI और यस बैंक... स्टेक सेल से किसको क्या फायदा मिलेगा?

जापान का SMBC प्राइवेट सेक्टर के Yes Bank में 20% हिस्सेदारी खरीद रहा है। इस डील से किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा- SBI, SMBC या खुद Yes Bank को? जापानी बैंक के  इस दांव के पीछे क्या है बड़ी रणनीति? जानिए इस रिपोर्ट में।

अपडेटेड May 12, 2025 पर 1:02 PM
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SMBC के निवेश से Yes Bank को एक स्थिर और वैश्विक साझेदार मिलेगा, जो पूंजी जुटाने में मददगार साबित हो सकता है।

Yes Bank Stake Sale News: सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (Sumitomo Mitsui Banking Corp - SMBC) ने Yes Bank में 20% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। इससे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेश की दिशा में एक नई बहस छिड़ गई है। यह कदम विदेशी बैंकों के भारत में प्रवेश को लेकर नए अवसर पैदा कर सकता है।

Yes Bank में कौन बेच रहा हिस्सेदारी?

Yes Bank के हिस्सेदारी बेचने वाले प्रमुख संस्थानों में State Bank of India (SBI), IDFC, Federal, Bandhan, ICICI और HDFC शामिल हैं। इन बैंकों ने 2015 में Yes Bank के शेयर ₹10 के भाव पर खरीदे थे और अब ₹21.50 पर बिक्री कर 115% का लाभ कमाया है, जो कि प्रति वर्ष 20% से अधिक की वृद्धि है। SBI के विश्लेषकों के अनुसार, इस सौदे से SBI का मुनाफा FY26 में 7.5% तक बढ़ सकता है।


Yes Bank को इस डील से क्या फायदा होगा?

SMBC के निवेश से Yes Bank को एक स्थिर और वैश्विक साझेदार मिलेगा, जो पूंजी जुटाने में मददगार साबित हो सकता है। SMBC का यह निवेश Yes Bank को विदेशी व्यापार ग्राहकों के लिए सेवाएं देने, लीड लोन सिंडिकेशन सौदों में भागीदारी और बेहतर कैश मैनेजमेंट क्षमताओं का लाभ दिला सकता है। SMBC पहले ही भारत में NBFC क्षेत्र में 74% हिस्सेदारी रखता है, और यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की योजना का हिस्सा हो सकता है।

SMBC क्यों खरीद रहा यस बैंक में हिस्सेदारी?

SMBC की वैश्विक रणनीति के तहत भारत एक आकर्षक बाजार बनकर उभरा है, खासकर जापान में धीमे आर्थिक विकास को देखते हुए। SMBC ने पहले ही भारत में Fullerton में 74% हिस्सेदारी खरीदी थी, और अब Yes Bank के साथ साझेदारी से यह अपने निवेश को और बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। उसका इरादा भारत के फाइनेंशियल मार्केट में अपना

RBI का लिमिट क्या बनेगी चुनौती?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीति के तहत कोई भी विदेशी बैंक किसी एक भारतीय बैंक में 26% से अधिक हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता। यह शर्त विदेशी बैंकों को भारतीय बैंक पर पूरा नियंत्रण लेने से रोकती है। हालांकि, संकटग्रस्त बैंकों के लिए कुछ छूट दी गई है, जैसा कि Catholic Syrian Bank और Lakshmi Vilas Bank के मामलों में देखा गया था। SMBC ने इस सीमा को ध्यान में रखते हुए Yes Bank में 20% हिस्सेदारी खरीदी है।

क्या SMBC आगे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएगा?

SMBC का इरादा पहले से ही Yes Bank में अधिक हिस्सेदारी खरीदने का रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, SMBC असल में यस बैंक में 51% हिस्सेदारी खरीदना चाहता था। इस मामले को लेकर डील लंबे समय तक अटकी भी रही। लेकिन, RBI ने नियमों में ढील नहीं दी। अगर भविष्य में RBI अपनी नीतियों में ढील देता है, तो SMBC यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।

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