गेमिंग और एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म जूपी (Zupee) लगभग 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रहा है। ये कर्मचारी स्टार्टअप की कुल वर्कफोर्स का लगभग 40 प्रतिशत हैं। गेमिंग से जुड़े स्टार्टअप्स अभी भी सरकार के नए ऑनलाइन गेमिंग कानून के असर से जूझ रहे हैं। इस कानून ने रियल-मनी गेम्स (RMG) पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। जूपी ने कहा कि छंटनी बदलते रेगुलेटरी और मार्केट एनवायरमेंट के हिसाब से एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार बिजनेस बनाने की उसकी कोशिशों का हिस्सा है। Inc42 ने सबसे पहले इस डेवलपमेंट की रिपोर्ट दी थी।
ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने वाले 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025' को अगस्त 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिली थी। उसके बाद यह बिल, कानून बन गया। इस कानून के जरिए हर तरह के ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया गया। बिल को 21 अगस्त 2025 को राज्यसभा से मंजूरी मिली थी और उससे पहले यह लोकसभा से पास हो गया था। नया कानून ऑनलाइन मनी गेम्स पर तो प्रतिबंध लगाता ही है, साथ ही ई-स्पोर्ट्स, एजुकेशनल और सोशल ऑनलाइन गेम्स को भी बढ़ावा देता है।
सितंबर 2025 में निकाले थे 170 कर्मचारी
इससे पहले स्टार्टअप ने सितंबर 2025 में 170 नौकरियां खत्म की थीं। आगे चलकर जूपी का इरादा कल्चर से जुड़े ऑनलाइन सोशल गेम्स और कंटेंट के उभरते फॉर्मेट सहित ग्रोथ वाले कोर एरियाज पर अपना फोकस बढ़ाने का है। जूपी के फाउंडर दिलशेर सिंह मल्ही ने एक बयान में कहा, "इस तरह के फैसले कभी आसान नहीं होते। हमारे लोगों ने जूपी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और हम उनके योगदान को बहुत महत्व देते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे हम अपने संगठन को लंबी अवधि की प्राथमिकताओं के हिसाब से ढाल रहे हैं, बिजनेस को टिकाऊ और भविष्य पर केंद्रित रखने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हैं।"
छंटनी वाले कर्मचारियों की जूपी कैसे करेगा मदद
जूपी ने कहा है कि कंपनी कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट में तय नोटिस पीरियड के अलावा, सर्विस के सालों के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय मदद देगी। कर्मचारियों का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज जूपी छोड़ने के बाद भी कॉन्ट्रैक्ट में निर्धारित अवधि तक एक्टिव रहेगा। इसके अलावा कंपनी ने अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए 1 करोड़ रुपये का मेडिकल सपोर्ट फंड भी बनाया है। स्टार्टअप ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए नए काम के मौके पहचानने के लिए इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स के साथ काम करने के लिए एक डेडिकेटेड टीम बनाई है। नए पद उपलब्ध होने पर उन्हें दोबारा हायरिंग में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
जूपी को मल्ही और सिद्धांत सौरभ ने 2018 में शुरू किया था। यह लूडो, स्नेक्स एंड लैडर्स और कैरम जैसे बोर्ड गेम्स पर फोकस करता था। रियल मनी गेम्स पर बैन के बाद हाल के महीनों में कंपनी ने कई कंज्यूमर इंटरनेट कैटेगरीज में कदम रखा है। इनमें माइक्रोड्रामा और ईस्पोर्ट्स (जूपी स्टूडियो), ज्योतिष (नियो एस्ट्रो), और माइक्रो-लर्निंग (सुपरलर्न) शामिल हैं। नवंबर में, इसने एक नया AI-पावर्ड इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग वर्टिकल बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया के AI स्टार्टअप न्यूकैनन को खरीदा। जूपी के 20 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर हैं।
जूपी में किस-किस का लगा है पैसा
जूपी ने जनवरी 2022 में 10.2 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई थी। उस वक्त इसकी वैल्यूएशन 60 करोड़ डॉलर आंकी गई थी। स्टार्टअप अब तक कुल 12.1 करोड़ डॉलर से ज्यादा जुटा चुका है। इसके निवेशकों में वेस्टकैप ग्रुप, टोमालेस बे कैपिटल, नेपियन कैपिटल, AJ कैपिटल, Z47 (पहले मैट्रिक्स पार्टनर्स इंडिया) और ओरियोस वेंचर पार्टनर्स शामिल हैं।