बासमती चावल की मांग में इजाफा के चलते नए सीजन में इसके भाव में तेज उछाल दिख रही है। इसकी सबसे अधिक खरीदारी मिडिल ईस्ट और यूरोप में होती है और यहां मांग बढ़ने के चलते भाव में तेज उछल दिख रही है। थोक अनाज बाजारों में थोक खरीदारों को पिछले साल की तुलना में 10% से 15% अधिक पेमेंट करना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक पिछले महीने बासमती चावल के निर्यात के लिए न्यूनतम कीमत 1,200 डॉलर प्रति टन से घटाकर 950 डॉलर प्रति टन कर दी जिसके चलते एक्सपोर्ट्स ऑर्डर में तेज उछाल आई। इस वजह से कीमतें भी बढ़ गईं। इस महीने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने जानकारी दी थी कि भारत से करीब 5 लाख टन नए बासमती चावल के लिए एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट हो चुके हैं।
