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Commodity Market: दाल इंपोर्ट का सबसे भरोसेमंद पार्टनर कौन, एक्सपर्ट से जानें कैसा रहेगा एग्री सेक्टर के लिए 2026

Pulses: दालों के इंपोर्ट मामले में म्यांमार अब भी नंबर 1 बना हुआ है। भारत म्यांमार से सबसे ज्यादा दालें इंपोर्ट करता है। हालांकि भारत ने दूसरे मार्केट भी तलाशने शुरू किए हैं लेकिन उड़द और अरहर के लिए म्यांमार हमारा सबसे बड़ा सोर्स है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 1:12 PM
Commodity Market: दाल इंपोर्ट का सबसे भरोसेमंद पार्टनर कौन, एक्सपर्ट से जानें कैसा रहेगा एग्री सेक्टर के लिए 2026
भारत कुल मांग का करीब 60% दालें इंपोर्ट करता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक, कंज्यूमर है।

Commodity Market:  दालों के इंपोर्ट मामले में म्यांमार अब भी नंबर 1 बना हुआ है। भारत म्यांमार से सबसे ज्यादा दालें इंपोर्ट करता है। हालांकि भारत ने दूसरे मार्केट भी तलाशने शुरू किए हैं लेकिन उड़द और अरहर के लिए म्यांमार हमारा सबसे बड़ा सोर्स है। इस बीच सरकार ने उड़द के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अवधि 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दी है।

भारत कुल मांग का करीब 60% दालें इंपोर्ट करता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक, कंज्यूमर है। भारत तुअर, चना, पीली मटर, उड़द, मूंग का इंपोर्ट होता है। म्यांमार, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका के देशों से इंपोर्ट करता है। सरकार आत्मनिर्भरता के लिए दलहन मिशन भी चला रही है। मिशन के कारण देश में दलहन का उत्पादन बढ़ रहा है।

DGCIS के आंकड़ों के मुताबिक भारत का दलहन इंपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल- नवंबर ) के दौरान भारत ने 2027 मिलियन डॉलर दलहन का इंपोर्ट किया। जबकि 2024-25 में 5477 मिलियन डॉलर दलहन का इंपोर्ट किया। वहीं 2023-24 में 3744 मिलियन डॉलर रहा।

OATA (म्यांमार) प्रेसिडेंट श्याम नरसरिया ने कहा कि किसानों, इंपोर्टर्स, कंज्यूमर सभी के लिए 2025 दलहन के इंपोर्ट के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। क्योंकि सारी एग्री कमोडिटी अपनी ऑल टाइम लो पर थी। लेकिन बाजार अब स्टेबल होता नजर आ रहा है जिसके चलते 2026 में काफी मौके मिलते नजर आएंगे। भारत में प्रोडक्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि एग्री कमोडिटीज की डिमांड अच्छी रहेगी और अपने बॉटम से 15-20 फीसदी ऊपर चलेगी। उड़द और तुअर के लिए 2026 में भारत से डिमांड बनी रहने की उम्मीद है.

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