कच्चे तेल की कीमतों को जबरदस्त झटका लगा है। ओपेक+ की ओर से उत्पादन में आश्चर्यजनक वृद्धि और तेजी से बढ़ती ग्लोबल ट्रेड वॉर के बाद कच्चा तेल 4 साल के निचले स्तर पर आ गया है। इसने मेटल्स से लेकर गैस तक, कमोडिटी बाजारों को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ की बाढ़ के कारण गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। इससे वैश्विक आर्थिक विकास और खपत दोनों को खतरा है। कुछ घंटों बाद ओपेक+ देशों ने मई के लिए प्लान्ड उत्पादन वृद्धि को तीन गुना कर दिया। ओपेक+ (Organization of the Petroleum Exporting Countries) ने मई से प्रतिदिन 4.11 मिलियन बैरल उत्पादन वृद्धि की घोषणा की है।
