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EXPLAINED: अमेरिका ने रूस के ऑयल पर लगाया बैन, ऑयल प्राइसेज और महंगाई पर पड़ेगा क्या असर?

यूरोपीय देश रूस से करीब 40 फीसदी गैस इंपोर्ट करते हैं। वे रूस से करीब 25 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करते हैं। यूरोपीय देशों ने रूस से गैसा का इंपोर्ट दो-तिहाई तक घटाने का प्लान बनाया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 09, 2022 पर 2:08 PM
EXPLAINED: अमेरिका ने रूस के ऑयल पर लगाया बैन, ऑयल प्राइसेज और महंगाई पर पड़ेगा क्या असर?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यूरोपीय देश भी रूस के ऑयल पर बैन लगाते हैं या कुछ देश रूस के ऑयल खरीदने से दूरी बनाए रखते हैं तो इसका प्राइस 160 डॉलर या यहां तक कि 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।

अमेरिका ने अब रूस के ऑयल (Russian Oil) को बैन कर दिया है। इससे क्रूड में उछाल आया। बुधवार को ब्रेंट क्रूड प्राइस (Brent Crude Price) 129 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। उधर, ब्रिटेन ने कहा है कि वह धीरे-धीरे रूस से एनर्जी का इंपोर्ट घटाएगा। उसने 2022 के अंत तक इंपोर्ट जीरो पर लाने का प्लान बनाया है। रूस से एनर्जी का सबसे ज्यादा इंपोर्ट यूरोपीय देश करते हैं।

यूरोपीय देश रूस से करीब 40 फीसदी गैस इंपोर्ट करते हैं। वे रूस से करीब 25 फीसदी ऑयल इंपोर्ट करते हैं। यूरोपीय देशों ने रूस से गैसा का इंपोर्ट दो-तिहाई तक घटाने का प्लान बनाया है। इससे पहले रूस ने धमकी दी थी कि अगर उस पर प्रतिबंध लगाया गया तो वह नोर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन से यूरोप को होने वाली नेचुरल गैस की सप्लाई बंद कर देगा। उधर, अमेरिका रूस से 10 फीसदी से कम एनर्जी इंपोर्ट करता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसलिए रूसी ऑयल पर बैन का अमेरिका पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि रूस के ऑयल पर बैन का क्या असर पड़ेगा।

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रूस पर पड़ेगा क्या असर?

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