Kshitij Purohit, CapitalVia Global Research

Kshitij Purohit, CapitalVia Global Research
भारत में सोने को परंपरागत रुप से निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जाता रहा है। इसके साथ ही सोने का संबंध दिवाली, दशहरा और अक्षय तृतीय जैसे शुभ मौकों से भी है। देश में जैसे- जैसे त्योहारी और शादियों का सीजन आता है सोने का भाव बढ़ने लगता है।
ध्यान देने की बात यह है कि ग्लोबल इक्विटी मार्केट और मेटल मार्केट जैसे दूसरे एसेट क्लास में ऑल टाइम हाई लगने के बावजूद इस साल सोने में कोई तेजी देखने को नहीं मिली है। बल्कि यह एमसीएक्स पर अपने 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई से 15 फीसदी नीचे यानी 8751 रुपये नीचे नजर आ रहा है। जिसको ध्यान में रखते हुए जानकारों का मानना है कि इस साल ज्वेलरी में जबरदस्त खरीद देखने को मिलेगी।
कमोडिटी मार्केट के एक्सपर्ट का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में तमाम राहत पैकेजों और अमेरिका में ब्याज दरों के शून्य के आसपास रहने के साथ ही डॉलर दुनिया के तमाम करेंसियों के मुकाबले कमजोर हो रहा है। जो कि गोल्ड की कीमतों के लिए अच्छा संकेत है। सोने को लेकर सिर्फ चिंता यह है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड इसी तरह बढ़ता रहा तो सोने के भाव की तेजी थम सकती है।
भारत में बड़ी मात्रा में सोने का आयात होता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड आयातक देश है हर साल यहां 800 से 900 टन सोने का आयात होता है। इस आयातित सोने का उपयोग ज्वेलरी इंडस्ट्री में होता है। कीमतें कम होने की वजह से इस साल भारत में सोने की मांग बहुत ज्यादा बढ़ी है।
डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के मुताबिक देश में सोने का आउटलुक काफी बुलिश बना हुआ है। गोल्ड मार्केट का आउटलुक और इसके फंडामेटल काफी मजबूत बने हुए है।
पूरे दुनिया की इकोनॉमी में आ रहे तेज सुधार और ग्लोबल स्तर पर बढ़ती मुद्रा आपूर्ति को देखते हुए इस बात की उम्मीद है कि गोल्ड दिसंबर 2021 तक ऑलटाइम हाई लगा सकता है।
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