Agri Commodity: एनसीडीईएक्स पर मसालों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले हफ्ते तेजी के बाद जीरे की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। NCDEX पर आज जीरे में लगभग 5% की गिरावट आई है। जीरे का जनवरी वायदा 23900 से नीचे फिसला है। 20 दिसंबर को जीरे के दाम 25700 तक पहुंचे थे।
मसालों की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में जीरे के दाम 2 फीसदी गिरे है जबकि 1 महीने में इनमें 4 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं जनवरी 2024 से अब तक इसमें 23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं हल्दी के दाम 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जबकि 1 महीने में इनमें 3 फीसदी की तेजी आई । वहीं जनवरी 2024 से अब तक इसमें 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
इसी तरह धनिया की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में धनिया के दाम 3 फीसदी चढ़े है जबकि 1 महीने में इनमें 1 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं जनवरी 2024 से अब तक इसमें 8 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।
NCDEX पर ग्वार गम में उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 1 हफ्ते में ग्वार गम की कीमतों में 7% की तेजी आई। 2 दिन की गिरावट के बाद दाम चढ़े है। ग्वार सीड के भी दाम में तेजी आई है। NCDEX पर ग्वार गम की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 7 फीसदी का उछाल आया है जबकि 1 महीने में इसमें 1 फीसदी की तेजी दिखी है। वहीं हीं जनवरी 2024 से अब तक इसमें 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
इसी तरफ NCDEX पर ग्वार सीड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में इसमें 5 फीसदी का उछाल आया है जबकि 1 महीने में इसमें 2 फीसदी की तेजी दिखी है। वहीं हीं जनवरी 2024 से अब तक इसमें 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय
अशोक इंडस्ट्रीज के सीएफओ राजेंद्र धरीवाल का कहना है कि ग्वार गम की आवक कम होने के कारण दाम बढ़े है। उन्होंने कहा कि 5-10 फीसदी की क्राइसिस मिलते है तो 50 फीसदी मुनाफावसूली करें। अगर ग्वार सीड 5500 रुपये के आसपास दिखता है तो वहां मुनाफावसूली करनी चाहिए। मुनाफावसूली करने के बाद निवेश के और भी मौके मिलेंगे। ग्वार गम की नई फसल आई है।
उन्होंने आगे कहा कि दिसंबर में ग्वार गम का एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है। 2025 एक मजबूत और वोलेटाइल साल होने की उम्मीद है। भारत में ग्वार गम की इन्वेंट्री ज्यादा है। ग्वार सीड में लॉन्ग इनवेस्टमेंट की बेहतर संभावनाएं हैं।
महारानी ट्रेडिंग के ओनर प्रणव शाह का कहना है कि इस साल जीरे की बुआई 20% कम हुई लेकिन कैरी फॉरवर्ड 20-25 लाख बैग है। मसालों का एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है। साथ ही मौसम पर भी नजर रखना जरूरी होगा। सुपर फूड इंडस्ट्री में सालाना 10-15% की ग्रोथ जारी है।
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