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सिर्फ 33 घंटों में जम्मू से बांद्रा टर्मिनल पर पहुंच जाएगी कश्मीर की रसीली रेड चेरी! इसके किसानों की बदल जाएगी तकदीर

चेरी बहुत ही नाजुक और जल्दी खराब होने वाला फल है। इस विशेष पार्सल वैन के जरिए सीधे बागानों से तोड़ी गई ताजा चेरी अब मुंबई के बाजारों में रिकॉर्ड समय में उपलब्ध हो सकेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड May 25, 2026 पर 3:56 PM
सिर्फ 33 घंटों में जम्मू से बांद्रा टर्मिनल पर पहुंच जाएगी कश्मीर की रसीली रेड चेरी! इसके किसानों की बदल जाएगी तकदीर
चेरी बहुत ही नाजुक और जल्दी खराब होने वाला फल है। इस विशेष पार्सल वैन के जरिए सीधे बागानों से तोड़ी गई ताजा चेरी अब मुंबई के बाजारों में रिकॉर्ड समय में उपलब्ध हो सकेगी।

भारतीय रेलवे ने कश्मीर के बागवानों और फल व्यापारियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब घाटी की रसीली लाल चेरी मात्र 33 घंटों के रिकॉर्ड समय में जम्मू से बांद्रा टर्मिनस (मुंबई) पहुंचाई जा रही है। इस सीजन की पहली चेरी स्पेशल पार्सल वैन सोमवार 25 मई को जम्मू से रवाना होने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीजन की पहली 'चेरी स्पेशल पार्सल वैन' में लगभग 12 टन (लगभग 966 बॉक्स)चेरी लोड की गई है।

फलों की बनी रहेगी ताजगी

चेरी बहुत ही नाजुक और जल्दी खराब होने वाला फल है। इस विशेष पार्सल वैन के जरिए सीधे बागानों से तोड़ी गई ताजा चेरी अब मुंबई के बाजारों में रिकॉर्ड समय में उपलब्ध हो सकेगी। रेल अधिकारियों ने बताया कि यह तेज़ ट्रांजिट टाइम चेरी की ताजगी और क्वालिटी बनाए रखने के साथ-साथ उगाने वालों को बेहतर बाज़ार कीमत दिलाने के लिए डिजाइन किया गया है।

जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उचित सिंघल ने कहा कि रेलवे यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जम्मू-कश्मीर के बागवानों की मेहनत का सही दाम मिले और उन्हें देशव्यापी बाजार मिल सके।“चेरी एक बेहद नाजुक फल है, और इसे कुछ ही घंटों में बाजार तक पहुंचाना एक चुनौती है। हमारी टीम ने इसके लिए विशेष व्यवस्था की है। व्यापारियों की हर मांग को पूरा करने के लिए हमारे पास इस सीजन में पर्याप्त पार्सल वैन और संसाधन उपलब्ध हैं।

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