MCX : भारत के अग्रणी कमोडिटी एक्सचेंज (commodity exchange) एमसीएक्स को मार्केट रेगुलेटर सेबी की तरफ से कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। दरअसल, सेबी (SEBI) ने उसकी मंजूरी लिए बिना स्पॉट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (spot trading platform) विकसित करने कोशिश करने के लिए उस पर जुर्माना लगाया। एडजुडिकेटिंग ऑफिसर (Adjudicating Officer) ने अपने 4 जनवरी के आदेश में स्पॉट ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर को ‘असंबंधित एक्टिविटी’ माना है। Adjudicating Officer (AO) साहिल मलिक ने अपने आदेश में कहा, स्टॉक एक्सचेंज के लिए स्पॉट ट्रेडिंग के लिए सॉफ्टवेयर के विकास में फंड लगाना एक असंबंधित गतिविधि है। इसके लिए बोर्ड की मंजूरी जरूरी होती है। इसलिए, पीएसईबी (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी) को पेमेंट से पहले मंजूरी नहीं लेना नियम विरुद्ध है।
इससे संबंधित नियम, SECC Regulations कहते हैं कि एक मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड की मंजूरी लिए बिना ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा, चाहे यह फंड का लगाना या कुछ और ही क्यों न हो। यह नियम क्लीयरिंग कॉर्पोरेशंस पर भी लागू होता है।
भले ही, इस मामले में एओ ने एमसीएक्स पर सिर्फ 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया हो, लेकिन इस घटनाक्रम से कमोडिटी एक्सचेंज (commodity exchange) के लिए एक और मुश्किल पैदा हो गई है जो पहले से अपने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क के संबंध में कानूनी जटिलताओं से तेजी से जूझ रहा है।
टेक्नोलॉजी में बदलाव पर है सेबी की नजर
पीटीआई की पिछले महीने की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेबी कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स की तरफ से ट्रेडिंग टेक्नोलॉजी में किए जा रहे बदलाव पर करीबी निगाह रखे हुए है। यह मामला मद्रास उच्च न्यायालय में भी पहुंच गया है। इनवेस्टर्स के एक समूह ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि सेबी एमसीएक्स पर ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। इस मामले में सेबी ने न्यायालय से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए मोहलत मांगी थी। इसके साथ ही, न्यायालय ने एमसीएक्स, एमसीएक्स क्लीयरिंग कॉर्पोरेशन और उनके सीईओ और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर को नोटिस भी जारी किया था।