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चावल के भावों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं, रेड सी मुद्दे के कारण बासमती चावल के भाव 5-7% हुए कम:पंकज गोयल

Rice Price: पंकज गोयल का कहना है कि ईराक, सऊदी अरब में चावल एक्सपोर्ट ज्यादा होता है। इस बार चावल के भावों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बासमती का उत्पादन 10-15% ज्यादा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि साबुत चावल का एक्सपोर्ट 3 फीसदी होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 11, 2024 पर 1:04 PM
चावल के भावों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं,  रेड सी मुद्दे के कारण बासमती चावल के भाव 5-7% हुए कम:पंकज गोयल
आम चुनाव तक एक्सपोर्ट पर रोक जारी रहने की संभावना है। एल नीनो की वजह से भी सप्लाई में कमी आई।

विदेशों में चावल और महंगा हो सकता है। भारत से चावल एक्सपोर्ट पर पाबंदी का असर देखने को मिल सकता है। त्योहारों के कारण कई देशों में मांग बढ़ सकती है। अप्रैल में ईद के दौरान चावल की कीमतें और चढ़ सकती है। थाइलैंड का व्हाईट चावल 15 साल के नए शिखर पर पहुंचा है। ईद के दौरान एशिया और अफ्रीका में मांग बढ़ती है। भारत से चावल का एक्सपोर्ट मई के बाद ही संभव है।

बता दें कि आम चुनाव तक एक्सपोर्ट पर रोक जारी रहने की संभावना है। एल नीनो की वजह से भी सप्लाई में कमी आई। फिलीपिन्स में चावल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। इस बीच इंडोनेशिया में सरकार ने किसानों की मदद के लिए सेना को लगाया है।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय

All India Rice Exporters Association के जनरल सेक्रेटरी पंकज गोयल का कहना है कि ईराक, सऊदी अरब में चावल एक्सपोर्ट ज्यादा होता है। इस बार चावल के भावों में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बासमती का उत्पादन 10-15% ज्यादा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि साबुत चावल का एक्सपोर्ट 3 फीसदी होता है। जबकि 4.50 मिलियन टन बासमती चावल का एक्सपोर्ट होता है जिसे हम पार नहीं कर पाते। उन्होेंने कहा कि बासमती चावल के एक्सपोर्ट की एक लिमिटेशन होती है।

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