Adani Group : अडानी ग्रुप ने कर्ज की स्थिति, कैपिटल मैनेजमेंट प्लान, ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेश्यो में सुधार और डायवर्सिफाइड बॉरोइंग बुक की जानकारी देने के लिए मार्केट रिसर्च फर्म क्रेडिटसाइट्स (CreditSights) से संपर्क किया है। क्रेडिटसाइट्स सिंगापुर की कंपनी है और उसने अडानी ग्रुप के कर्ज पर चिंताएं जाहिर की थीं। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप ऐसा करके उसकी कर्ज से जुड़ी चिंताओं को दूर करना चाहता है।
क्रेडिटसाइट्स ने उठाए थे सवाल
CreditSights ने एक सप्ताह पहले जारी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बिजनेस बढ़ाने में लगी अडानी ग्रुप की कंपनियों पर कर्ज खासा ज्यादा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, Adani Group ने क्रेडिटसाइट्स की चिंताओं से संबंधित अपने 15 पेज के नोट में कहा, “हमने क्रेडिटसाइट्स की रिपोर्ट देखी है। साथ ही इसमें उठाए गए मुद्दों पर अपनी आपत्तियां और स्पष्टीकरण सामने रखे हैं।”
मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका है।
आधा दर्जन कंपनियों के लिए जुटाए 16 अरब डॉलर
Adani group ने पिछले तीन साल में अपनी आधा दर्जन कंपनियों के लिए एक व्यवस्थित कैपिटल मैनेजमेंट प्लान के तहत ‘उचित इक्विटी’ के जरिये 16 अरब डॉलर जुटाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह रकम प्राइमरी, सेकेंडरी और टोटल एनर्जीस, अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी PJSC, QIA और Warburg Pincus सहित ग्लोबल इनवेस्टर्स से कमिटेड इक्विटी के जरिये जुटाई गई है।
कम हुआ प्रमोटर स्तर का कर्ज
अडानी ग्रुप के मुताबिक, इससे प्रमोटर स्तर पर कर्ज कम हुआ है और लिस्टेड कंपनियों की गिरवी प्रमोटर स्टेक में कमी में मदद मिली है। Adani Enterprises, Adani Green Energy और Adani Transmission को ऐसे इनवेस्टर्स से इक्विटी हासिल हुई है।
क्रेडिट साइट्स ने 23 अगस्त की अपनी रिपोर्ट में कहा, “कुल मिलाकर, ग्रुप ने अपने मौजूदा और नए बिजनेसेस में आक्रामक रूप से निवेश किया है। इससे कर्ज, सॉल्वेंसी रेश्यो खासा बढ़ गया है।”