Vodafone-Idea के बाद अब एयरटेल ने AGR, स्पेक्ट्रम पर 4 साल का मोराटोरियम ऑप्शन चुना

कंपनी ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट को पेमेंट पर मोराटोरियम का विकल्प चुनने की पुष्टि की है

अपडेटेड Oct 25, 2021 पर 9:42 PM
Story continues below Advertisement

देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल भारती एयरटेल ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) और स्पेक्ट्रम की बकाया पेमेंट पर चार वर्ष का मोराटोरियम चुना है। इसके साथ ही यह बकाया पेमेंट को टालने वाले इस ऑप्शन को चुनने वाली वोडाफोन आइडिया के बाद दूसरी कंपनी बन गई है।

भारी कर्ज और घाटे का सामना कर रही वोडाफोन आइडिया ने पिछले सप्ताह स्पेक्ट्रम की पेमेंट पर चार वर्ष के मोराटोरियम के सरकार के ऑफर को स्वीकार किया था।

LIC के IPO का Zomato जैसा वैल्यूएशन चाहती है सरकार, 10 लाख करोड़ रुपये का टारगेट

एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इससे वोडाफोन आइडिया को लगभग 60,000 करोड़ रुपये की राहत मिल सकती है।

एयरटेल ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) को मोराटोरियम स्वीकार करने से जुड़ी पुष्टि की है। हालांकि, इसने इक्विटी को कन्वर्ट करने के ऑप्शन पर कोई उत्तर नहीं दिया है।

इससे पहले एयरटेल ने कहा था कि वह पेमेंट पर मोराटोरियम के साथ ही वैधानिक बकाया रकम को इक्विटी में कन्वर्ट करना चाहती है। कंपनी के फाउंडर सुनील मित्तल ने कहा था कि एयरटेल AGR और स्पेक्ट्रम की पेमेंट पर मोराटोरियम को चुनेगी। इससे कंपनी को लगभग 40,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी जिसका इस्तेमाल नेटवर्क को बढ़ाने में किया जाएगा।


DoT ने हाल ही में तीन टेलीकॉम कंपनियों को पत्र लिखकर उन्हें मोराटोरियम का विकल्प चनने के लिए 29 अक्टूबर तक की अवधि दी थी।

केंद्र सरकार ने पिछले महीने टेलीकॉम कंपनियों के लिए राहत पैकेज घोषित किया था।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।