फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की तरह ही लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) के लिए भारी वैल्यूएशन चाहती है। Zomato के IPO को इनवेस्टर्स की ओर से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और इसने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का वैल्यूएशन हासिल किया था।
सरकार ने अपने एडवाइजर्स और वैल्युअर्स से यह तय करने को कहा है कि LIC की वैल्यू 10 लाख करोड़ रुपये हो सकती है या नहीं।
LIC में सरकार की 10 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की योजना है। अगर कंपनी को आगामी IPO में 10 लाख करोड़ रुपये का वैल्यूएशन मिलता है तो सरकार को इसमें 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर कम से कम 1 लाख करोड़ रुपये हासिल हो सकते हैं।
इस वर्ष के बजट में सरकार ने डिसइनवेस्टमेंट के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा था। इसे पूरा करने में LIC का IPO महत्वपूर्ण होगा।
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने हाल ही में कहा था कि LIC का IPO इस वर्ष की अंतिम तिमाही में लाने की तैयारी है। सरकार ने इसके लिए लीगल एडवाइजर्स की नियुक्ति कर दी है।
देश की अधिकतर इंश्योरेंस कंपनियों में 74 प्रतिशत तक फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI) की अनुमति है लेकिन ये रूल LIC पर लागू नहीं होता क्योंकि यह संसद के एक एक्ट के तहत बनाी गई विशेष एंटिटी है। सरकार अब कंपनी में विदेशी इनवेस्टमेंट की अनुमति के लिए रूल्स को बदल सकती है।