Indian Oil Results: सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation- IOC) के लिए सितंबर 2022 तिमाही शानदार नहीं रही। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2022 में इंडियन ऑयल को 272.35 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस एलपीजी की लागत से कम भाव पर बिक्री के चलते लगातार दूसरी तिमाही घाटा हुआ है।
कंपनी ने आज रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 6360.05 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही की बात करें तो इंडियन ऑयल को अप्रैल-सितंबर 2022 में 2264.88 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही में सरकारी तेल कंपनी को 12301.42 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
नेट लॉस लेकिन रेवेन्यू में बढ़ोतरी
इंडियन ऑयल को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारी घाटा हुआ लेकिन रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक जुलाई-सितंबर 2022 में इंडियन ऑयल को 2.28 लाख करोड़ रुपये का ऑपरेशनल रेवेन्यू हासिल हुआ था जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1.69 लाख रुपये था।
पहली तिमाही में 1993 करोड़ का हुआ था नुकसान
महंगाई से लड़ाई में में सरकार की मदद के लिए सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस एलपीजी के भाव में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके चलते न सिर्फ इंडियन ऑयल बल्कि भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को भी पहली तिमाही में घाटा हुआ था। चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2022 में इंडियन ऑयल को 1992.53 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था।