Infosys : इंफोसिस पर एक बार फिर से जेंडर के आधार पर भेदभाव के आरोप लगे हैं। अमेरिका में एक पूर्व सीनियर रिक्रूटर ने कोर्ट में मुकदमा दायर करके आरोप लगाया है कि कंपनी ने भेदभाव किया और जब उसने ऐसी पक्षपातपूर्ण प्रक्रियाओं के खिलाफ आवाज उठाई तो उसका उत्पीड़न किया गया। यह मुकदमा बदले की भावना के साथ किए गए टर्मिनेशन को वापस लेने और काम के ऐसे शत्रुतापूर्ण माहौल को दूर करने के लिए दायर किया गया है। इस तरह से कंपनी ने न्यूयॉर्क सिटी ह्यूमन राइट कानून तोड़े हैं।
इस महिला ने दायर किया मुकदमा
Infosys पर यह मुकदमा पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (टैलेंट एक्विजिशन) जिल प्रेजियन ने दायर किया है, जो इन्फोसिस के पूर्व सीनियर वीपी और हेड (कंसल्टिंग) मार्क लिविंग्सटन और पूर्व पार्टनर Dan Albright और Jerry Kurtz के खिलाफ दायर किया गया है। Prejean 2018 में टैलेंट एक्विजिशन वीपी के रूप में नियुक्त की गई थीं और उस समय उनकी उम्र 59 साल थी।
अच्छी नहीं रही थीं शुरुआती मीटिंग
मुकदमे के मुताबिक, उन्होंने हायरिंग की जरूरतों और प्राथमिकताओं को समझने के लिए इन्फोसिस के पार्टनर्स के साथ मीटिंग की। प्रेजियन को ऐसे एग्जीक्यूटिव्स को भर्ती के लिए नियुक्त किया गया था जो कंसल्टिंग डिवीजन मे पार्टनर या वीपी के रूप में काम कर सकें।
इन मीटिंग्स के तहत, पार्टनर्स ने कथित रूप से भारतीय मूल के, घर पर बच्चों वाली महिलाओं और 50 से ज्यादा उम्र वाले कैंडीडेट्स को कंसल्टैंट के रूप में रखने के प्रति अनिच्छा जाहिर की।
भेदभाव पूर्ण कल्चर ने कर दिया था हैरान
प्रेजियन की शिकायत के मुताबिक, जब वह कंपनी से जुड़ीं तो, “पार्टनर लेवल के अधिकारियों के बीच उम्र, जेंडर और केयरगिवर स्टेटस के आधार पर गैर कानूनी भेदभाव के कल्चर को देखकर हैरान रह गई थीं।” उन्होंने यह भी कहा कि कुर्त्ज और अलब्राइट ऐसे पार्टनर थे, जिनके साथ प्रेजियन ने शुरुआती मीटिंग में बातचीत की थी।