Flipkart IPO: वॉलमार्ट (Walmart) के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट (Flipkart) अगले साल नवंबर या दिसंबर महीने में अपना बहुप्रतीक्षित इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) ला सकती है। हालांकि यह IPO भारत में नहीं, बल्कि विदेशी शेयर बाजारों में लिस्ट हो सकता है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति (Kalyan Krishnamurthy) के हवाले से यह दावा किया जा रहा है।
वहीं एक अंग्रेजी बिजनेस अखबार की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि बाजार की परिस्थितियां कंपनी के अनुकूल नहीं रहने पर यह IPO मार्च 2023 तक भी खींच सकता है। अखबार में कहा गया है कि कृष्णमूर्ति ने हाल ही में अपने कंपनी के कुछ चुनिंदा ग्रुप एग्जिक्यूटिव्स के साथ मीटिंग की थी, जिसमें आईपीओ को लेकर यह चर्चा हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्णमूर्ति ने मीटिंग में यह भी कहा कि आईपीओ से पहले ग्रॉसरी बिजनेस का विस्तार कंपनी के लिए एक अहम कदम है। शायह यही वजह है कि Flipkart ने इस हफ्ते की शुरुआत में ताजा उत्पादों की सप्लाई करने वाली कंपनी निंजाकार्ट (NinjaCart) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लिपकार्ट विदेशों में लिस्टिंग की योजना पर विचार कर रहा है। कंपनी अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में प्री-आईपीओ राउंड आयोजित पर भी विचार कर रही है ताकि शेयर बाजार में आने से पहले अपने सही वैल्यूएशन को स्थापित कर सके।
बेंगलुरू मुख्यालय वाली फ्लिपकार्ट ने इस साल जुलाई में 37.6 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 3.6 अरब डॉलर जुटाए थे। इस फंडिंग राउंड में सबसे अधिक निवेश सिंगापुर मुख्याल वाली GIC, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPP निवेश), सॉफ्टबैंक विजन फंड 2 और वॉलमार्ट ने किया था। टाइगर ग्लोबल और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी सहित अन्य प्रमुख निवेशकों ने भी इस दौर में भाग लिया।
वॉलमार्ट ने 2018 में एक फ्लिपकार्ट की 77 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीद ली थी, जिसके बाद इसके फाउंजर सचिन बंसल और बिन्नी बंसल इससे अलग हो गए। वॉलमार्ट के पास फिलहाल फ्लिपकार्ट की 75 पर्सेंट हिस्सेदारी है।