सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने कहा है कि वह अपनी ऑग्मेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी लैब के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को एक अलग यूनिट के तौर पर पब्लिश करने की शुरुआत करेगी। कंपनी Metaverse में करोड़ों डॉलर का इनवेस्टमेंट कर रही है। फेसबुक को एडवर्टाइजिंग के मुख्य बिजनेस में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और इस वजह से यह नए सेगमेंट में उतरना चाहती है।
इसका मतलब वर्चुअल वर्ल्ड एनवायरमेंट से है जिसे लोग इंटरनेट के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। यह डिजिटल स्पेस होते हैं जिन्हें वर्चुअल रियल्टी (VR) या ऑग्मेंटेड रियलिटी (AR) के इस्तेमाल से वास्तविक जैसा बनाया जाता है।
कुछ लोग गेमिंग के एनवायरमेंट को समझाने के लिए भी इस Metaverse शब्द का इस्तेमाल करते हैं, जहां यूजर्स के पास एक कैरेक्टर होता है जो चलने के साथ ही अन्य प्लेयर्स के साथ इंटरएक्शन भी कर सकता है।
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला एक विशेष प्रकार का Metaverse भी होता है, जिसमें यूजर्स क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल से डिजिटल एसेट्स खरीद सकते हैं।
लोग आपस में ऑनलाइन इंटरएक्शन के लिए अभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। Metaverse के जरिए इस इंटरएक्शन को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी। इसमें लोग डिजिटल कंटेंट को केवल देखने के बजाय उसका कुछ अनुभव भी कर सकेंगे।
इसे इंटरनेट के डिवेलपमेंट के अगले स्टेज के तौर पर देखा जा रहा है।
कोरोना के कारण भी Metaverse में दिलचस्पी बढ़ी है। बड़ी संख्या में लोगों के वर्क फ्रॉम होम करने और ऑनलाइन क्लासेज से इंटरनेट पर इंटरएक्शन को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस हुई है।
फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग ने जुलाई में कहा था कि कंपनी केवल सोशल मीडिया सेगमेंट में रहने के बजाय अगले कुछ वर्षों में एक Metaverse कंपनी बनने की कोशिश करेगी।
अमेरिकी की सिलिकॉन वैली में Metaverse की लोकप्रियता बढ़ रही है और माइक्रोसॉफ्ट ने भी इसका इस्तेमाल शुरू किया है।
बच्चों की पसंदीदा गेम्स में रॉबलॉक्स को डिवेलप करने वाली कंपनी खुद को Metaverse से जुड़ा बताती है।
बड़ी फैशन कंपनियों ने भी वर्चुअल क्लोदिंग के साथ एक्सपेरिमेंट शुरू किए हैं जिनके लिए Metaverse एनवायरमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है।