भारत सरकार ने नए IT नियमों को लागू और पालन करने लिए के लिए ट्विटर (Twitter) को अंतिम नोटिस दिया है। सोशल मीडिया कंपनियों के लिए देश के नए नियमों का पालन करते हुए ट्विटर को भारत-आधारित अधिकारियों को नियुक्त करने का अंतिम मौका दिया गया है, जिसमें विफल रहने पर इसे "कार्रवाई" का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने शनिवार को ट्विटर के साथ बढ़ते गतिरोध के बीच ये जानकारी दी है।
सरकारी सूत्रों ने कहा, "ट्विटर IT नियमों का तुरंत पालन करने के लिए एक फाइनल नोटिस दिया गया है। इन नियमों को लागू न करने पर IT अधिनियम, 2000 की धारा 79 के तहत उपलब्ध देयता से छूट वापस ले ली जाएगी। साथ ही ट्विटर को IT अधिनियम और भारत के कानून के अनुसार, कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"
सरकार सूत्रों ने कहा कि आईटी मंत्रालय के एक पैनल ने ट्विटर को नए IT नियमों को लागू करने के लिए अंतिम नोटस भेजा है। इस पैनल में केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी शामिल हैं। साथ इसमें ये भी कहा गया है कि नियमों को लागू न करने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, संचार और कानून और न्याय मंत्री की अध्यक्षता में IT के प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक 4 जून को हुई।
सूत्रों ने कहा कि ट्विटर के इस लंबित रवैये को देखते हुए, ट्विटर को एक अंतिम नोटिस भेजने का संकल्प लिया गया, जिसमें उन्हें नए नियमों का तुरंत पालन करने के लिए कहा गया है।
ट्विटर को फाइनल नोटिस तब भेजा गया, जब उसने आज भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, संघ प्रमुख मोहन भागवात के पर्सनल ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिए थे। हालांकि, वेंकैय नायडू के अकाउंड पर कुछ घंटे बाद ब्लू टिक रिस्टोरी कर दिया गया।
इससे पहले दिन में, सोशल मीडिया दिग्गज ने संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार, पूर्व महासचिव सुरेश "भैयाजी" जोशी और वर्तमान "संपर्क प्रमुख" अनिरुद्ध देशपांडे जैसे बड़े RSS नेताओं के हैंडल से भी ब्लू टिक हटा दिया था।
ट्विटर के नियमों के अनुसार, अगर कोई अकाउंट "इनएक्टिव" हो जाता है, तो टिक हटा दिया जाता है। एक ट्विटर प्रवक्ता ने इसी नियम का हवाले से बताया कि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के पर्सनल हैंडल से टिक क्यों हटाया गया। प्रवक्ता ने कहा कि वेंकैया नायडू का अकाउंट जुलाई, 2020 से इनएक्टिव था।