तेजस एक्सप्रेस के 2,000 से अधिक यात्रियों को 4.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। दरअसल, शनिवार और रविवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के देरी से पहुंचने पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने कहा कि यात्रियों को एक प्रावधान के तहत मुआवजा दिया जाएगा। प्रावधान के तहत यात्रियों को एक घंटे की देरी से ट्रेन के लिए 100 रुपये और दो घंटे या उससे अधिक की देरी के लिए 250 रुपये मिलते हैं।
भारी बारिश के कारण शनिवार को सिग्नल फेल होने के कारण तेजस एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे की देरी से चली। रविवार को भी लखनऊ-दिल्ली तेजस करीब एक घंटे लेट रही।
अब IRCTC को यात्रियों को मुआवजे के तौर पर 4,49,600 रुपये वापस करने होंगे।
IRCTC को के मुताबिक तेजस एक्सप्रेस शनिवार को सुबह 6:10 बजे निर्धारित समय पर लखनऊ जंक्शन से रवाना हुई लेकिन सिग्नल फेल होने के कारण ट्रेनों को रोक दिया गया। इस वजह से तेजस एक्सप्रेस नई दिल्ली स्टेशन पर दो घंटे देरी से पहुंची, जबकि लखनऊ जाने वाली तेजस एक्सप्रेस भी देरी से चल रही थी
यह पहली बार नहीं है जब आईआरसीटीसी तेजस एक्सप्रेस की देरी पर यात्रियों को मुआवजा दे रहा है। पिछले साल अक्टूबर में, दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस के चलने में तीन घंटे से अधिक की देरी से IRCTC को लगभग 1.62 लाख रुपये का खर्च आया था। इसका पेमेंट रेलवे की सहायक कंपनी ने अपनी बीमा कंपनियों के माध्यम से लगभग 950 यात्रियों को मुआवजे के रूप में दिया गया।
यह नई दिल्ली से दोपहर 3.35 बजे के बजाय लगभग 5.30 बजे रवाना हुई और निर्धारित 10.05 बजे के बजाय लगभग 11.30 बजे लखनऊ पहुंची।