PM Modi's New Council of Ministers: 42 प्रतिशत मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले, 70 मंत्री हैं करोड़पति

ADR की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 24 मंत्रियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती से संबंधित गंभीर मामले हैं
अपडेटेड Jul 11, 2021 पर 14:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को अपने मंत्रिपरिषद में 36 नए चेहरों को शामिल (Cabinet Expansion) किया, जिससे केंद्रीय मंत्रियों की संख्या अब 78 हो गई, जो 81 की वैधानिक सीमा से सिर्फ एक पायदान कम है। हालांकि, इन 78 में से 33 मंत्रियों यानी 42% के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। चुनाव अधिकार समूह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 24 मंत्रियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती से संबंधित गंभीर मामले हैं।


ADR ने केंद्रीय मंत्रियों से जुड़ी ये सब जानकारी उनके चुनावी हलफनामों के हवाले से दी है। इसके अलावा, अपने विश्लेषण में, ADR ने पाया कि नए केंद्रीय मंत्रिमंडल के लगभग 90% सदस्य (70 मंत्री) करोड़पति हैं, जिसका मतलब है कि उन्होंने कुल संपत्ति 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की घोषणा की है।


चार मंत्रियों - ज्योतिरादित्य सिंधिया (379 करोड़ रुपए से ज्यादा), पीयूष गोयल (95 करोड़ रुपए से ज्यादा), नारायण राणे (87 करोड़ रुपए से ज्यादा), और राजीव चंद्रशेखर (64 करोड़ रुपए से ज्यादा) को "हाई एसेट्स मंत्री" के रूप में कैटेगराइज किया गया है। इसका मतलब है कि उन्होंने 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।




विस्तार के बाद जिन केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए गए हैं, उनका रेश्यू में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2019 में ADR द्वारा विश्लेषण, जब पहली कैबिनेट ने शपथ ली थी, तो पता चला कि 56 मंत्रियों में से 39% ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए थे। उस कैबिनेट में भी ज्यादातर (91%) करोड़पति थे।


रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति मंत्री औसत संपत्ति लगभग 16.24 करोड़ रुपए पाई गई है। जिन कैबिनेट मंत्रियों के पास सबसे कम संपत्ति है, वे हैं: त्रिपुरा की प्रतिमा भौमिक (करीब 6 लाख रुपए), पश्चिम बंगाल से जॉन बारला (करीब 14 लाख रुपए), राजस्थान के कैलाश चौधरी (करीब 24 लाख रुपए), ओडिशा के बिश्वेश्वर टुडू (करीब 27 लाख रुपए), और महाराष्ट्र के वी मुरलीधरन (करीब 27 लाख रुपए)।


नए मंत्रियों की शैक्षिक योग्यता का विश्लेषण करते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि उनमें से ज्यादातर (21) पोस्ट ग्रेजुएट हैं। नौ मंत्रियों के पास डॉक्टरेट की डिग्री है, जबकि 17 ग्रेजुएट और प्रोफेशनल ग्रोजुएट हैं। दो मंत्रियों ने केवल आठवीं कक्षा पास की है, तीन 10वीं और सात ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है।


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