Blood Sugar after Dinner: आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से लोग धीरे-धीरे अंदर से बीमार होते जा रहे हैं। ऐसी आदतें शरीर में कई तरह की दिक्कतें पैदा कर सकती हैं, जिनमें डायबिटीज एक सबसे बड़ी परेशानी बनती जा रही है। जब हम अनहेल्दी चीजें खाते हैं और फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते तो शरीर में इंसुलिन नाम का हार्मोन कम बनने लगता है। इंसुलिन की कमी से शरीर शुगर को सही तरह से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे ब्लड में ग्लूकोज जमा होने लगता है और यही स्थिति आगे चलकर डायबिटीज का रूप ले लेती है।
आजकल ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या भी ज्यादातर लोगों में देखने को मिल रही है। कई बार लोग खाना खाने के बाद जब शुगर लेवल 200 mg/dL तक पहुंचता है, तो उसे सिरिएस से नहीं लेते। आइए जानते हैं डिनर के बाद ब्लड शुगर का सामान्य लेवल कितना होना चाहिए। कब इसको डायबिटीज माना जाता है।
कितना होना चाहिए नॉर्मल शुगर
खाने के करीब 1 से 2 घंटे बाद एक स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 140 mg/dL से कम होना चाहिए। अगर यह स्तर 140 से 199 mg/dL के बीच आता है, तो इसे प्री-डायबिटिक माना जाता है, यानी भविष्य में डायबिटीज का खतरा हो सकता है। वहीं, अगर शुगर का स्तर 200 mg/dL या उससे ज्यादा हो, तो यह डायबिटीज की चेतावनी हो सकती है और डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है।
भोजन करने के बाद शरीर उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर उसे ग्लूकोज में बदल देता है, जो खून के जरिए पूरे शरीर में फैलता है और ऊर्जा देता है। इस दौरान अग्न्याशय इंसुलिन नाम का हार्मोन बनाता है, जो ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। लेकिन अगर इंसुलिन कम बनता है या शरीर उसे ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो खून में शुगर बढ़ने लगती है। ज्यादा मीठा और रिफाइंड खाना खाने से शुगर तेजी से बढ़ती है और अगर जीवनशैली बहुत सुस्त हो या तनाव ज्यादा हो, तो यह भी ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है।
ब्लड शुगर कैसे करें कंट्रोल
ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाने की जरूरत है। सबसे पहले संतुलित आहार लें, जिसमें दलिया, ब्राउन राइस और हरी सब्जियां जैसी चीजें शामिल हों। रोज थोड़ा बहुत एक्सरसाइज जरूर करें, जैसे टहलना या हल्का वर्कआउट। खाने में फाइबर वाली चीजें ज्यादा लें, ये पाचन को धीमा करके शुगर तेजी से बढ़ने से रोकती हैं। मीठी चीजें, जैसे सफेद चीनी, जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रहें। साथ ही, समय-समय पर शुगर की जांच करते रहें ताकि उसका स्तर कंट्रोल में बना रहे।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।