कैंसर (Cancer) एक जानलेवा बीमारी है। हलांकि इसका इलाज संभव है लेकिन फिर भी हर लाखों लोगों की मौत कैंसर के वजह से होती है। कैंसर 100 से अधिक रोगों का समूह है। यह शरीर में लगभग कहीं भी विकसित हो सकता है। जिसमें से कुछ तरह के कैंसर आपकी लाइफस्टाइल से भी हो सकते हैं। यानी की आपकी दिनचर्या आपको इस जानलेवा बीमारी की चपेट में ला भी सकती है और इससे बचा भी सकती है। इस बीच एक चैरिटी संस्था का कहना है कि मल्टीविटामिन से कैंसर का खतरा 30 फीसदी तक बढ़ सकता है। लिहाजा इन दवाओं पर स्वास्थ्य चेतावनी भी होनी चाहिए।
किलिंग कैंसर काइंडली (Killing Cancer Kindly) का कहना है कि मल्टीविटामिन उत्पादों पर भी तंबाकू की तरह चेतावनी लिखना जरूरी है। इसकी वजह ये है कि कुछ सप्लीमेंट्स में बहुत ज़्यादा कैंसर का जोखिम रहता है।
सप्लीमेंट्स से सेहत की बज जाएगी बैंड
हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि सप्लीमेंट्स पूरी तरह से गैर जरूरी पोषक तत्वों की तगड़ी खुराक दे देते हैं। इससे कैंसर कोशिकाएं कई गुना बढ़ सकती हैं। वहीं खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले प्राकृतिक विटामिन से सेहत को कोई खतरा नहीं है। इसकी वजह ये है कि यह धीरे-धीरे अवशोषित होते हैं। इसके साथ ही प्राकृतिक विटामिन में शरीर उतना ही लेता है, जितना उसे जरूरत रहती है। बाकी विटामिन को शरीर बाहर निकाल देता है। वहीं सिंथेटिक गोलियां जरूरत की खुराक से ज्यादा मात्रा हो जाती है। इससे कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। जानकारों का कहना है कि मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स से प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर जैसे अन्य कैंसर का खतरा बना रहता है।
कहा जा रहा है कि इन दवाओं के सेवन से कैंसर का सबसे ज्यादा जोखिम रहता है। लिहाजा अब कानून में बदलाव की मांग की जा रही है। ताकि मल्टी विटामिन गोलियों में तंबाकू की तरह चेतावनी लिखने के लिए मजबूर होना पड़े। ऐसे में अगर मल्टी विटामिन गोलियों में यह चेतावनी लिखी जाने लगे कैंसर के रोकथाम में यह बड़ा उपाय साबित हो सकता है। इसके साथ ही कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।