सरवाइकल कैंसर महिलाओं को ही करता है परेशान, इस बीमारी के कारण और लक्षण

Cervical Cancer symptoms: 1 फरवरी 2024 को पेश हुए बजट में वित्तमंत्री ने निर्मला सीतारमण पहली बार सरवाइकल कैंसर पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि लड़कियों को सरवाइकल कैंसर से बचाने के लिए सरकार वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाएगी। सरवाइकल कैंसर की समस्या देश दुनियाभर की महिलाओं को सबसे ज्यादा असर डालती है

अपडेटेड Feb 03, 2024 पर 2:00 PM
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Cervical Cancer symptoms: मॉडल और अभिनेत्री पूनम पांडे का निधन 32 साल की उम्र में सरवाइकल कैंसर की वजह से हो गई।

Cervical Cancer symptoms: 1 फरवरी 2024 को पेश हुए बजट में वित्तमंत्री ने निर्मला सीतारमण पहली बार सरवाइकल कैंसर पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि लड़कियों को सरवाइकल कैंसर से बचाने के लिए सरकार वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाएगी। सरवाइकल कैंसर की समस्या देश दुनियाभर की महिलाओं को सबसे ज्यादा असर डालती है।

क्या है सरवाइकल कैंसर (What is Cervical Cancer)

एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या जो दुनिया भर में महिलाओं को प्रभावित करती है वह सर्वाइकल कैंसर है। महिलाओं को ये बीमारी सर्विक्स में असान्य तरीके से सेल्स के बढ़ने के कारण होता है। सर्विक्स वह एरिया होता है जो नीचे यूटरस को वेजाइना से जोड़ने का काम करता है। सरवाइकल कैंसर से बचने के लिए जरूरी है कि पहले से सही बचने के उपायों का इस्तेमाल किया जाए। यह जरूरी है कि महिलाओं के इसके लक्षण और खतरों के बारे में पहले से पता हो।


लक्षण (Cervical Cancer Symptoms)

प्रारंभिक चरण का सरवाइकल कैंसर कोई लक्षण नहीं दिखाता है और अक्सर धीरे-धीरे बढ़ता है। फिर भी जब बीमारी बिगड़ती है, तो महिलाओं को ये लक्षण से नजर आते हैं।

वेजाइना से ब्लीडिंग होना। यानी, ब्लड आना।

मासिक धर्म यानी पीरियड के दौरान, सेक्स के दौरान या मीनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना।

पेट के नीचे दर्द होना।

दर्द या बेचैनी जो यौन क्रिया से पहले या बाद में होती है।

वेजाइना से होने वाले डिस्चार्ज का रंग या स्मेल में बदलाव होना।

महिलाओं को अपने प्रजनन स्वास्थ्य में किसी भी अजीब बदलाव पर नजर रखनी चाहिए और जैसे ही उन्हें कोई लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सहायता लेनी चाहिए।

खतरा

सरवाइकल कैंसर कई कारणों से होता है। ये सबसे ज्यादा Human Papillomavirus (HPV) के इंफेक्शन के कारण होता है। इसके अलावा ये 4 कारण भी सरवाइकल कैंसर में अहम भूमिका निभाते हैं।

स्मोकिंग

स्मोकिंग से सरवाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और बीमारी तेजी से बढ़ती है।

कमजोर इम्यूनिटी:

एचआईवी/एड्स जैसी बीमारियों और कम इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका जोखिम सबसे अधिक होता है।

शुरुआती यौन गतिविधि:

युवावस्था में यौन संबंध बनाने से एचपीवी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

कई पार्टनर:

एचपीवी का खतरा सबसे ज्यादा तब तब बढ़ जाता है जब किसी व्यक्ति के कई यौन साथी होते हैं।

ऑरल कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल:

यदि लंबे समय तक ऑरल कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल करने से भी सरवाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

इलाज: (cervical cancer prevention methods)

सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण से अपने को बचाने के लिए सही लाइफस्टाइल भी जरूरी है। हेल्दी खाना, एक्सरसाइज और इम्यूनिटी बनाए रखना जरूरी है।

एचपीवी वैक्सीनेशन:

एचपीवी के खिलाफ टीका लगवाना सर्वाइकल कैंसर से बचने के सबसे बेस्ट तरीकों में से एक है। किशोरों को आमतौर पर यौन गतिविधियों में शामिल होने से पहले टीका लगवाना चाहिए।

नियमित पैप स्मीयर:

पैप स्मीयर या पैप परीक्षणों के साथ नियमित यूटरस की जांच करानी जरूरी है।

सुरक्षित यौन प्रेक्टिस:

अपने पार्टनर की संख्या कम करने और कंडोम का इस्तेमाल एचपीवी ट्रांसमिशन को रोकने का काम करता है।

स्मोकिंगे बंद करना:

स्मोकिंग छोड़ने से सरवाइकल कैंसर का खतरा कम हो जाता है और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार होता है।

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