Diabetes: डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद है बेसन की रोटी, जानें कैसे करें सेवन

डायबिटीज के मरीजों के लिए गेहूं के आटे में बेसन मिलाकर रोटी खाना फायदेमंद माना जाता है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने में मदद मिलती है। बेसन मिलाने से रोटी में फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। इसे संतुलित मात्रा में ही खाएं

अपडेटेड Jun 19, 2025 पर 7:30 AM
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Diabetes: गेहूं का आटा और बेसन की रोटियों से वजन कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है

आजकल डायबिटीज देश में एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण लोग तेजी से इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डायबिटीज सिर्फ शुगर लेवल बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों को भी कमजोर बना देती है। समय रहते अगर खानपान और दिनचर्या में बदलाव न किया जाए तो इसका असर दिल, किडनी, आंखों और नसों पर भी पड़ता है। डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए दवाओं के साथ सही खानपान और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है।

खास बात यह है कि अपने खाने में छोटे-छोटे बदलाव करके भी शुगर लेवल को काबू में रखा जा सकता है। हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि गेहूं के आटे में बेसन मिलाकर रोटी बनाना डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और शरीर को जरूरी पोषण भी मिलता है।

डाइट और एक्सरसाइज से मिलेगा फायदा


डॉक्टर हमेशा डायबिटीज मरीजों को हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। सही खानपान और फिटनेस रूटीन अपनाकर शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। खासतौर पर खाने में अनाज के साथ बेसन मिलाना बहुत फायदेमंद माना जाता है।

गेहूं के आटे में मिलाएं बेसन

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो गेहूं के आटे में बेसन मिलाकर रोटियां बनाएं। बेसन में प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भरपूर होते हैं। बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने से शुगर कंट्रोल रहता है।

हाई प्रोटीन रोटी से मिलेगा डबल फायदा

जब आप गेहूं के आटे में बेसन या किसी दाल का आटा मिलाते हैं तो इससे प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है। ये रोटी न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखती है, बल्कि वजन भी काबू में रखती है। बेसन और गेहूं के मिश्रण से बनी रोटी पाचन में भी मददगार होती है।

बेसन का ज्यादा सेवन न करें

हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि बेसन से बनी फ्राई चीजें जैसे पकौड़े या नमकीन डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है। इसलिए बेसन का सेवन चीला, टोस्ट या रोटी के रूप में ही करें, तले-भुने स्नैक्स से बचें।

कोलेस्ट्रॉल लेवल भी होगा कंट्रोल

बेसन के आटे को गेहूं के आटे में मिलाकर खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रहता है। ये बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है और दिल की सेहत को सुरक्षित रखता है। इसलिए डायबिटीज के साथ-साथ हार्ट हेल्थ के लिए भी ये फायदेमंद विकल्प है।

डिस्क्लेमर - यहां बताए गए उपाय सिर्फ सामान्य ज्ञान पर आधारित हैं। इसके लिए आप किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेने के बाद ही अपनाएं।

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