Digestive Health Issue: पेट की सेहत दुरुस्त करने के लिए AIIMS के डॉक्टर ने बताए 7 ड्रिंक्स

Digestive Health Issue: पेट शरीर का वो अंग है, जिसकी सेहत अच्छी होना बहुत जरूरी है। इसमें खराबी शरीर में फैटी लिवर और अपच जैसी अनगिनत दिक्कतों की वजह बन सकती है। पाचन की परेशानी से निपटने के लिए एम्स के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सेठी ने सात ड्रिंक्स का सुझाव दिया है।

अपडेटेड Aug 23, 2025 पर 2:30 PM
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पाचन की दिक्कतों से निपटने में डॉ सेठी के बताए ये ड्रिंक्स आएंगे आपके काम।

Digestive Health Issue: आए दिन आपको पेट की दिक्कत होती है, खाना ठीक से पच नहीं पाता है। तो आप इस समस्या से अकेले नहीं जूझ रहे हैं। असंख्य लोग पेट फूलना और कब्ज जैसी डाइजेस्टिव सिस्टम यानी पाचन तंत्र की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। इसके लिए आए दिन गोलियां लेने की जरूरत नहीं है आप घर में साधारण चीजों की मदद ले सकते हैं। पाचन से जुड़ी सामान्य दिक्कतों का समाधान बहुत आसान है। घरों में आमतौर से जो बेवरेजेज या छाछ जैसे पेय बनाये जाते हैं, इनका रोल पेट की सेहत सुधारने में हमारी समझ से बहुत ज्यादा है। लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जो पेट को बहुत नुकसान भी पहुंचा रही हैं।

एम्स, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित बोर्ड-प्रमाणित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल एंडोस्कोपिस्ट, डॉ. सौरभ सेठी, एमडी, एमपीएच, ने कुछ ऐसी ड्रिंक्स का खुलासा किया है जो आपके पेट की सेहत सुधार में अहम रोल निभा सकते हैं। छाछ, नारियल पानी और यहां तक कि ब्लैक कॉफी जैसे आम पेय पदार्थों में भी ऐसे गुण हैं जिनके हेल्थ पर होने वाले अच्छे असर से ज्यादातर लोग अंजान हैं।

7 अगस्त को डॉ. सेठी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपच से लेकर फैटी लिवर जैसे गैस्ट्रिक लक्षणों से निपटने में मददगार पेय पदार्थों की सूची दी है। आइए जानें इसके बारे में


कब्ज

आलूबुखारा का रस - इसमें सोर्बिटोल नामक एक नेचुरल शुगर अल्कोहॉल होता है, जो बिना पचे पेट से गुजरता है, बड़ी आंत में पानी को खींचता है ब्लैडर और आंतों की सफाई करता है। यह मल को नरम बनाते हुए पेट को साफ करता है।

आंत के माइक्रोबायोम को स्वस्थ करना

केफिर या छाछ : दोनों ही डेयरी उत्पादों से बनत हैं, छाछ के मुकाबले केफिर बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें गुड बैक्टीरिया और खमीर के 30 तक प्रकार होते हैं। वहीं, छाछ में केवल एक या दो होते हैं। हालांकि, दोनों ड्रिंक में प्रोबायोटिक्स और बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो आंत की सेहत सुधारने में मदद करते हैं।

अपच

अदरक की चाय : अदरक की चाय पीने से पेट की खराबी में चमत्कारी फायदा होता है क्योंकि ये पाचन तंत्र को आराम पहुंचाती है और सूजन को कम करती है। यह पेट फूलने, गैस और ऐंठन का प्राकृतिक उपचार है। एसोसिएट्स इन गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के मुताबिक यह खाने को पाचन तंत्र में तेजी से घुमाने के साथ गैस्ट्रिक अस्तर को सुरक्षित रखती है।

पेट फूलना

पुदीने की चाय : पुदीने की चाय पेट फूलने और गैस के लिए प्राकृतिक उपचार है यह पेट की मांसपेशियों को आराम देती है और दर्द से राहत दिलाने की क्षमता रखती है। यह मांसपेशियों को सिकुड़ने से रोककर आंतों की ऐंठन से भी राहत दिलाती है। इसके साथ ही ये इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) में राहत दिलाने के लिए भी जानी जाती है, और पुदीने की खुशबू मतली और उल्टी की तीव्रता को कम करती है।

दस्त

नारियल पानी : दस्त के बाद नारियल पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति होती है। यह पोटेशियम और सोडियम का एक समृद्ध स्रोत है, जो अक्सर दस्त के कारण कम हो जाते हैं। हालांकि, इसके अधिक सेवन बचना चाहिए।

फैटी लिवर

ब्लैक कॉफी : हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्लैक काफी फैटी लिवर रोग को नियंत्रित करने में मदद करती है। हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बहुतायत में होते हैं, जिसकी वजह से यह लिवर एंजाइम के स्तर को कम करती है, ऑक्सीडेटिव तनाव को बेअसर करती है जो फैटी लिवर के बढ़ने की वजह होता है, और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है।

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