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Diwali Pollution: पटाखों के धुएं से सेहत की बज जाएगी बैंड, इन बातों का रखें ध्यान, जानिए पूरी डिटेल

Diwali Air Pollution: दिवाली के बाद दिल्ली समेत देश के कई राज्य प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। दिवाली के त्योहार को देश भर में धूम धाम से मनाया जाता है। बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक हर कोई साल भर इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करते हैं। दिवाली पर फोड़े गए पटाखों से जब धुआं निकलता है। यह सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 01, 2024 पर 1:00 PM
Diwali Pollution: पटाखों के धुएं से सेहत की बज जाएगी बैंड, इन बातों का रखें ध्यान, जानिए पूरी डिटेल
Diwali Air Pollution: बहुत ज्यादा पटाखे फोड़ने से वातावरण में गर्मी, कार्बन डाइऑक्साइड और कई जहरीली गैसें बढ़ती हैं।

दिवाली का त्योहार आते ही दिल्ली और आसपास के शहरों में धुएं की एक मोटी चादर छा जाती है। हर साल दौरान प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। यह सेहत के लिए एक गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए नुकसानदाय है। इसके साथ ही इंसानों की सेहत की बैंड बज जाती है। दिवाली के दिन भी देश भर में जमकर पटाखे फूटे। पटाखों में कई जहरीली गैसें और कैमिकल मिले होते हैं जो खुली हवा के संपर्क में आने पर एक्टिव हो जाते हैं। यह इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं कि यह हमारे शरीर और ऑर्गन को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं।

बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए हर साल पटाखे न चलाने की अपील भी की जाती है। लेकिन असर बहुत कम नजर आता है। बाजार पटाखों से भरा होता है। कई बार पटाखों के कारण दुर्घटनाएं भी होती हैं। जिनमें लोगों की जान तक चली जाती है।

पटाखों से हवा हो जाती है जहरीली

दिवाली की पटाखे फोड़ने के बाद दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के करीब पहुंच गया। यह खतरनाक स्तर है। पटाखों में पेटोशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल, एल्यूमीनियम, बेरियम नाइट्रेट, स्ट्रोटियम नाइट्रेट और कॉपर कंपाउड्स जैसे कई तत्व पाए जाते हैं। यह सेहत के लिए जहर की तरह काम करते हैं। पटाखों में सल्फर का इस्तेमाल चमक और चिंगारी के लिए किया जाता है। वहीं इसमें मिलाया गया चारकोल ईंधन की तरह काम करता है। एल्यूमिनियम जलने में मदद करता है। बेरियम नाइट्रेट मिलाने से हरे रंग की चिंगारी निकलने लगती है। स्ट्रोंटियम नाइट्रेट से लाल रंग की चिंगारी निकलती है। वहीं कॉपर कंपाउंट्स नीला रंग पैदा करते हैँ। जब ये केमिकल जलते हैं तो जहरीला धुआं छोड़ते हैं।

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