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Health Tips: गर्मी और उमस से बढ़ सकता है माइग्रेन का खतरा, जानें कैसे रखें खुद का ख्याल

Health Tips: गर्मी और आर्द्रता के मौसम में माइग्रेन का जोखिम बढ़ जाता है क्योंकि शरीर में पानी की कमी और तेज तापमान दर्द को ट्रिगर कर सकते हैं। बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं, ठंडी जगह पर रहें, सही दिनचर्या अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।

Edited By: Shradha Tulsyanअपडेटेड Aug 10, 2025 पर 8:58 PM
Health Tips:  गर्मी और उमस से बढ़ सकता है माइग्रेन का खतरा, जानें कैसे रखें खुद का ख्याल

गर्मी और आर्द्रता कई लोगों के लिए माइग्रेन का एक बड़ा ट्रिगर बन जाते हैं। खासकर गर्म मौसम में बढ़े हुए तापमान और हवा में नमी से शरीर पर कई तरह के दबाव पड़ते हैं, जिनसे माइग्रेन के दर्द में अचानक इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो गर्मी और उमस के कारण शरीर में जल स्तर कम हो सकता है, जिसे निर्जलीकरण कहते हैं, जो माइग्रेन के हमले की संभावना को बढ़ाता है।

आम तौर पर तापमान और आर्द्रता में तीव्र बदलाव सिरदर्द और माइग्रेन के लिए जिम्मेदार होते हैं। जब शरीर गर्म हो जाता है, तो त्वचा की ओर रक्त संचार ज्यादा होने लगता है जिससे शरीर ठंडा करने की कोशिश करता है, लेकिन ये प्रक्रिया माइग्रेन वाले लोगों में दर्द को ट्रिगर कर सकती है। साथ ही, समय-समय पर वातावरण में आ रही तेज धूप भी माइग्रेन को बढ़ावा देती है।

माइग्रेन से प्रभावित लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि गरम और अधिक नमी वाले दिन उनके लिए सबसे कठिन होते हैं। ऐसे मौसम में माइग्रेन का दर्द नासूर बन जाता है, जो सिर के एक साइड में दर्द और बेचैनी पैदा करता है। यह दर्द कभी-कभी उलटी, और संवेदनशीलता के साथ होता है।

गर्मी और आर्द्रता के अलावा, नींद में बदलाव, कैफीन का कम या ज्यादा लेना, तनाव, और कुछ खाद्य पदार्थ भी माइग्रेन के ट्रिगर्स होते हैं। इसलिए, गर्मी के मौसम में माइग्रेन से बचाव के लिए जरूरी है कि आप समय पर पानी पिएं जिससे निर्जलीकरण न हो। साथ ही, घर के अंदर ठंडे और हवादार स्थान पर रहें, बाहर निकलते समय सनस्क्रीन और हैट का इस्तेमाल करें।

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