कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अपना नियंत्रण खो देती हैं और असामान्य रूप से तेजी से बढ़ने लगती हैं। सामान्य कोशिकाएं सीमित समय के लिए बढ़ती हैं और फिर मर जाती हैं, लेकिन कैंसरयुक्त कोशिकाएं इस प्राकृतिक चक्र को तोड़कर अनियंत्रित रूप से बढ़ती रहती हैं। ये कोशिकाएं सामान्य ऊतकों को नुकसान पहुंचाती हैं और कई बार शरीर के अन्य भागों में भी फैल जाती हैं।
कैंसर की शुरुआत कैसे होती है?
कैंसर तब शुरू होता है जब किसी स्वस्थ कोशिका में आनुवांशिक (DNA) बदलाव आ जाते हैं। ये बदलाव या तो विरासत में मिलते हैं या उम्र के साथ अनजाने कारणों से हो सकते हैं। कैंसर बनने वाली कोशिकाओं की जीन संरचना में गड़बड़ी होती है, जो उन्हें लगातार विभाजित होने और बढ़ने का संकेत देती है।
- तंबाकू या धूम्रपान का सेवन
- बेहतरगामी रासायनिक पदार्थों का संपर्क (जैसे कार्सिनोजन)
- ज्यादा समय तक रेडिएशन या अल्ट्रावॉयलेट किरणों का संपर्क
- कुछ वायरस और बैक्टीरिया भी कैंसर पैदा कर सकते हैं
- आनुवांशिक कारण (कंप्यूटर में गड़बड़ी की तरह जीन में खराबी)
कैंसर में असामान्य कोशिकाएं केवल उसी जगह नहीं रुकतीं जहां वे बनीं, बल्कि यह अपने आसपास के ऊतकों में फैल सकती हैं। आगे बढ़कर ये कोशिकाएं लसिका तंत्र या रक्त संचार के माध्यम से शरीर के दूसरे हिस्सों में भी पहुंच जाती हैं। इस स्थिति को मेटास्टेसिस (Metastasis) कहते हैं। मेटास्टेटिक कैंसर ओरिजिनल (मूल) रोड से बहुत दूर जाकर नए अंगों में नए ट्यूमर बना सकता है, जो बीमारी को और खतरनाक बनाता है।
कैंसर के विकास को सामान्य तौर पर चार चरणों में बांटा जाता है:
चरण 1: कैंसर एक छोटे क्षेत्र में सीमित होता है और आसपास के ऊतकों या लिम्फ नोड्स में नहीं फैला होता।
चरण 2: कैंसर बड़ा हो जाता है लेकिन दूर तक नहीं फैलता।
चरण 3:कैंसर आसपास के लिम्फ नोड्स या टिशू में फैल जाता है।
चरण 4: कैंसर शरीर के दूसरे अंगों में फैल जाता है, जिसे एडवांस्ड या मेटास्टेटिक कैंसर कहा जाता है।
कैंसर के बहुत सारे लक्षण होते हैं जो इस बात की चेतावनी देते हैं कि शरीर में कुछ गलत हो रहा है। इनमें गांठ बनना, बिना वजह वजन कम होना, लगातार दर्द या असामान्य रक्तस्राव शामिल हैं। लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज बीमारी की गंभीरता कम कर सकता है। कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जीवनशैली में बदलाव जरूरी हैं। तंबाकू का परहेज, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, प्रदूषण से बचाव, और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से कई प्रकार के कैंसर को रोका जा सकता है।
समय पर जांच और विशेषज्ञों की सलाह से कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है, जिससे इलाज ज्यादा प्रभावी होता है।