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आईटी सेक्टर की आपाधापी में सेहत भूली, हैदराबाद के कर्मचारियों पर फैटी लीवर का साया! जानिए पूरा मामला

Fatty Liver: हैदराबाद में एक हैरान कर देने वाली बात सामने आई है कि यहां काम करने वाले 84% आईटी कर्मचारी फैटी लीवर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। यह खबर उन सभी के लिए चिंता का विषय है, जो लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने काम करते हैं और अपनी सेहत को अनदेखा कर देते हैं।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Aug 05, 2025 पर 9:51 AM
आईटी सेक्टर की आपाधापी में सेहत भूली, हैदराबाद के कर्मचारियों पर फैटी लीवर का साया! जानिए पूरा मामला

फैटी लीवर का मतलब है कि हमारे लीवर में अत्यधिक चर्बी जमा हो गई है, जो धीरे-धीरे लीवर की सेहत को बिगाड़ सकती है। इसके ज्यादातर मामलों में यह बीमारी मोटापे, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं के साथ जुड़ी होती है। खासकर आईटी कर्मचारियों में यह बीमारी इसलिए भी ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि वे घंटों बैठकर काम करते हैं, ठीक से खाना नहीं खाते, नींद पूरी नहीं करते और तनाव में रहते हैं।

हाल ही में हुई एक गंभीर अध्ययन से पता चला है कि हैदराबाद में लगभग 84% आईटी (IT) कर्मचारियों को फैटी लीवर की बीमारी (Metabolic Dysfunction-Associated Fatty Liver Disease - MAFLD) से जूझना पड़ रहा है। इस बीमारी का मुख्य कारण मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, जो आईटी कर्मचारियों के लिए खतरा बन रही हैं। यह समस्या खासतौर पर उनके लंबे समय तक बैठे रहने, अनियमित खान-पान और नींद की कमी के कारण बढ़ रही है।

अध्ययन में मिले आंकड़े बताते हैं कि करीब 71% आईटी कर्मचारियों का वजन अधिक है, जो obesity की तरफ इशारा करता है। इसके अलावा, 34% कर्मचारियों को मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्या भी है, जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे से जुड़ा हुआ है। फैटी लीवर की यह समस्या धीरे-धीरे लीवर में सूजन और पथरी जैसी विकृतियों को जन्म देती है, जो आगे चलकर लीवर सिरोसिस या कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकती है।

इस गंभीर स्वास्थ्य संकट को देखते हुए, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच, खासकर फैटी लीवर की स्क्रीनिंग, और कर्मचारियों के दैनिक जीवन में व्यायाम को शामिल करना बहुत जरूरी है। साथ ही, स्वस्थ आहार और तनाव कम करने वाली गतिविधियों को अपनाना भी बहुत मददगार सिद्ध होगा।

यह अध्ययन हैदराबाद में 345 आईटी कर्मचारियों पर किया गया और इसमें पाया गया कि 84% को लीवर में अतिरिक्त वसा जमा होने की समस्या थी। यह समस्या खास तौर पर उनके भारी काम के घंटे, तनाव और गलत जीवनशैली के कारण हो रही है। इस बीमारी से बचने के लिए आवश्यक है कि लोग अपनी सेहत का ख्याल रखें और सही समय पर डॉक्टर से सलाह लें।

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