बारिश के मौसम में गर्मी और उमस बढ़ जाती है और यही समय होता है खटमल (bedbugs) जैसे कीड़े-मकौड़ों के पनपने का। ये चारपाई, लकड़ी के सामान, पुराने गद्दे, तकिया और कपड़ों में पनपते हैं। देखने में ये भले ही बेहद छोटे लगते हों, मगर सोते समय बहुत परेशान करते हैं। रात के समय ये शरीर की गर्मी और खून की स्मेल से अट्रैक्ट होते हैं और हम पर हमला करते हैं।
देखा जाए तो खटमक के काटने से मच्छों की तरह मलेरिया, डेंगी या चिकनगुन्या जैसी गंभीर बीमारी नहीं होती है। मगर इनके काटने से शरीर में खुजली और लाल दाने आ सकते हैं और एलर्जी हो सकती है। रात में नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन की शिकायत हो सकती है, जो मानसिक तनाव का कारण बनती है। इसलिए बारिश के मौसम में अपने घर के पुराने लकड़ी के आइटम, गद्दे, तकिये के रखरखाव का खास ध्यान रखें।
आम धारण के विपरीत खटमल गंदगी में नहीं पनपते हैं। खटमल के पनपने का ये सिर्फ एक कारण है। असल में खटमल हमारे घर में आने वाले मेहमान के साथ चुपके से चलते आते हैं। कई बार जब हम कहीं बाहर से आते हैं, तो भी ये हमारी चीजों में छिपकर आ जाते हैं। खटमल लकड़ी की दरारों, गद्दों, तकियों, फटी हुई चादरों और लंबे समय से बिना धुले कपड़ों में आसानी से छिप जाते हैं। चारपाई की बुनावट, महीनों से पड़े पुराने कपड़े इनके छिपने और प्रजनन की बेस्ट जगह होती है।
कैसे जानें घर में घुस आए हैं खटमल
बिस्तर, गद्दे और चादरों को नियमित रूप से धूप में सुखाते रहें। सूरज की गर्मी से खटमल मर जाते हैं और उनके अंडे भी नष्ट हो जाते हैं।
नीम की सूखी पत्तियों को बिस्तर पर फैलाएं या नीम का तेल गद्दे और चारपाई की दरारों पर लगा सकते हैं। इसकी स्मेल खटमलों को दूर करती है।
हल्दी और नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे चारपाई या लकड़ी के जोड़ों पर लगा दें। ये नेचुरल बग्स रिपेलेंट की तरह काम करता है।
कपूर का पाउडर गद्दों और चारपाई पर छिड़कें या उसकी टैब्लेट्स रखें। कपूर की तेज स्मेल खटमलों को भगाने में मदद करती है।
समय-समय पर पुराने कपड़े, चादरें और गद्दे बदलें या अच्छे से धोकर धूप में सुखाएं।