Kidney: आपकी भी किडनी तो नहीं हो रही खराब? जानिए शुरुआती संकेत जिन्हें लोग कर देते है नजरअंदाज

Kidney Disease: अगर किडनी शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम और तरल पदार्थ को बाहर नहीं निकाल पाती हैं, तो पैरों और आंखों के आसपास सूजन (एडिमा) हो जाती है। लोग अक्सर सूजन का कारण लंबे समय तक खड़े रहना या गलत खानपान बताते हैं, लेकिन यह किडनी खराब होने का लक्षण हो सकते है

अपडेटेड Jul 08, 2025 पर 8:45 PM
Story continues below Advertisement
जैसे-जैसे किडनी का काम प्रभावित होता है, शरीर में यूरिक टॉक्सिन जमा हो जाते हैं

Kidney Damage Signs: किडनी हमारे शरीर का एक बेहद इम्पोर्टेन्ट अंग है। यह शरीर का कचरा निकालने के साथ पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखती है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है और लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में भी मदद करती है। हालांकि किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण अक्सर ध्यान नहीं दिए जाते या उन्हें दूसरी छोटी-मोटी परेशानियां समझ लिया जाता है। क्रोनिक किडनी रोग (CKD) शुरुआती दिनों में धीरे-धीरे बढ़ता रहता है, लेकिन अगर इसके शुरुआती संकेतों को पहचान लिया जाए तो इसकी वृद्धि को रोका जा सकता है। आइए आपको बताते हैं CKD के शुरुआती संकेत।

लगातार थकान और कमजोरी

किडनी खराब होने से खून में टॉक्सिन जमा हो जाते हैं, जिससे एनर्जी लेवल प्रभावित होता है। इसके अलावा जब किडनी पर्याप्त एरिथ्रोपोइटिन का उत्पादन नहीं करती हैं, तो एनीमिया हो सकता है। इससे लगातार थकान में कमी और थोड़ी गतिविधि के दौरान सांस लेने में तकलीफ होती है। ज्यादातर मरीज इसे सामान्य थकान या बुढ़ापा समझ लेते हैं, जो खतरनाक है।


पेशाब में दिक्कत

पेशाब की आवृत्ति, रंग में बदलाव आमतौर पर किडनी की समस्याओं के शुरुआती लक्षण होते हैं, लेकिन इन पर गंभीरता से विचार शायद ही कभी किया जाता है। रात में बार-बार पेशाब आना, झागदार या बुलबुले वाला पेशाब, पेशाब में खून आना, या बहुत गहरा पेशाब आना, ये सभी संभावित किडनी में दिक्कत के संकेत हैं। इन बदलावों को नजरअंदाज करने से बीमारी बढ़ सकती है।

पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन

अगर किडनी शरीर से एक्स्ट्रा सोडियम और तरल पदार्थ को बाहर नहीं निकाल पाती हैं, तो इसके परिणामस्वरूप पैरों और आंखों के आसपास सूजन (एडिमा) हो जाती है। लोग अक्सर सूजन का कारण लंबे समय तक खड़े रहना या गलत खानपान बताते हैं, लेकिन यह किडनी खराब होने का लक्षण हो सकता है। जितनी जल्दी हो सके इसका पता लगाना और जांच कराना महत्वपूर्ण है।

लगातार खुजली होना

किडनी खराब होने के कम ज्ञात लक्षणों में से एक है लगातार खुजली (प्रुरिटस)। यह खून में अपशिष्ट उत्पादों और कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज असंतुलन के कारण होता है। परतदार सूखी त्वचा और लगातार खुजली की इच्छा, खासकर बिना किसी त्वचा संबंधी कारण के। ऐसी स्थिति में किडनी का चेक-अप कराना चाहिए।

भूख न लगना, धातु जैसा स्वाद या उल्टी

जैसे-जैसे किडनी का काम प्रभावित होता है, शरीर में यूरिक टॉक्सिन जमा हो जाते हैं, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण पैदा होते हैं, जैसे कि मुंह में धातु जैसा स्वाद, सांस की दुर्गंध (यूरमिक फेटोर), उल्टी या भूख न लगना। इन लक्षणों को आमतौर पर पाचन संबंधी समस्या समझ लिया जाता है, जिससे उपचार में देरी होती है।

अगर की व्यक्ति को इनमें से कोई भी लक्षण अनुभव होता है विशेष रूप से डायबटीज, हाई ब्लडप्रेशर, किडनी रोग की फैमिली हिस्ट्री, वाले लोगों में तो किडनी फंक्शन टेस्ट कराए। रेगुलर बेसिस पर ब्लड (क्रिएटिनिन, ईजीएफआर) और मूत्र (एल्ब्यूमिन) की जांच के माध्यम से इसे शुरुआत में ही पहचाना जा सकता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।