आम को फलों का राजा कहा जाता है। गर्मी के मौसम में आम आते ही लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। खाने में बेहद टेस्टी ये आम कई वैराइटी के आते हैं। सिर्फ भारत में ही इस फल की 1500 से ज्यादा वैराइटी उगाई जाती हैं। यह मिठास से भरपूर होता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज इसे खाने से अक्सर परहेज करते नजर आते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि इस फलों के राजा आम को डायबिटीज के मरीजों को खाना चाहिए या नहीं। आइये जानते हैं डायबिटीज के मरीज कितना आम खा सकते हैं?
गर्मियों में मिलने वाला आम न सिर्फ लोगों का फेवरेट फ्रूट है। बल्कि यह कई तरह के पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। आम में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसके साथ ही शुगर का लेवल भी काफी हाई होता है, लेकिन कार्ब्स का लेवल कम।
डायबिटीज में आम खा सकते हैं?
अगर आप डायबिटिक हैं और आम खाते हैं तो जान लें आम का लो ग्लाइसेमिक लोड होता है। मतलब जब आप आम खाते हैं तो इससे तुरंत शुगर लेवल हाई नहीं होता है। आम में बहुत अधिक फाइबर होता है। जिसकी वजह से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। आम विटामिन C, विटामिन A, विटामिन B, विटामिन K, कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम जैसे मिनरल से भरपूर होता है। आम में एक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है। जिसे मैंगीफेरेन (Mangiferin) कहा जाता है। ये ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। जिन फूड्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 से कम होता है। उन्हें डायबिटीज में खा सकते हैं। आम का GI करीब 51 होता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज भी आम खा सकते हैं।
डायबिटीज के मरीज 1 दिन में कितना आम खा सकते हैं
डायबिटीज के मरीज को अपनी डाइट और कैलोरीज का ध्यान रखते हुए आम खाने चाहिए। औसतन बात करें तो डायबिटीज के मरीज 100 ग्राम आम रोजाना खा सकते हैं। आम के साथ किसी तरह की प्रोटीन डाइट भी शामिल करें। जिससे आपका ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ेगा।