Momos Disadvantages: मोमोज खाने वाले इन बीमारियों को दे रहे हैं दावत, सेहत की बज जाएगी बैंड, हो जाएं सावधान

Side Effects of Momos: आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मोमोज कई लोगों का पसंदीदा स्ट्रीट फूड बन चुका है। सॉफ्ट और टेस्टी मोमोज बच्चे ही नहीं बड़े भी बेहद चाव से खाते हैं। हालांकि स्वाद से भरपूर यह डिश सेहत का कबाड़ा कर सकती है। अगर आप भी इसे खाने के शौकीन हैं तो जानें इसके नुकसान

अपडेटेड Feb 10, 2025 पर 1:15 PM
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Side Effects of Momos: ज्यादा मोमोज खाने से शरीर कई बीमारियों से घिर सकता है।

आजकल फास्टफूड का बाजार खूब फल-फूल रहा है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक का फेवरेट बन गया है। फास्टफूड में ज्यादातर चीजें मैदे से ही बनी होती हैं। जिसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। मोमोज खाना भी इसीलिए नुकसानदायक होता है। इसे खाने से शरीर कई बीमारियों से घिर सकता है। आजकल बूढ़े हों या युवा, हर कोई मोमोज बड़े चाव से खाता है। आजकल हर गली-मोहल्लों और बाजार में आपको सिल्वर के स्ट्रीमर गैस पर चढ़े मोमोज दिख जाएंगे। इसके इर्द-गिर्द युवा और किशोरों की भारी भरकम भीड़ मिल ही जाती है। बहुत से लोग इसके नुकसान के बारे में जानते भी होंगे, लेकिन जीभ के स्वाद के आगे बेबस होंगे।

हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि मोमोज आपकी जिंदगी को बर्बाद करने के लिए काफी हैं। ये इंसान को अंदर से खोखला बनाने का काम करते हैं। किड़नी की समस्या हो सकती है इसके साथ ही ज्यादा मोमोज खाने से वजन बढ़ने की आशंका बनी रहती है। आइये जानते हैं मोमोज खाने से किन बीमारियों के शिकार हो सकते हैं?

मोमोज के नुकसान


मोमोज खाने से किडनी को सबसे ज्यादा खतरा

मोमोज खाने से शरीर को कई बीमारियां हो सकती है। मैदे को जिस केमिकल से चमकाया जाता है। उसे बेंजोयल पराक्साइड कहते हैं। यह वही केमिकल बिलीचर होता है। जिससे चेहरे की सफाई की जाती है। यह बिलीच जब शरीर के अंदर पहुंचता है तो किडनी और पेनक्रियाज को नुकसान पहुंचा सकता है। यह डायबिटीज को भी बढ़ा सकता है।

मोमोज हड्डियों को बनाए खोखला

मोमोज को बनाने के लिए मैदा का इस्तेमाल किया जाता है। गेहूं से बने मैदे में से प्रोटीन और फाइबर निकाल दिया जाता है। जिसके बाद सिर्फ डेड स्टार्ट ही बचता है। ऐसे में प्रोटीन रहित इस मैदे को खाने से शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है। दरअसल, इसकी प्रकृति एसिडिक हो जाती है। जिसकी वजह से यह हड्डियों में जाकर कैल्शियम सोख लेता है। हड्डियों को खोखला करता है। साथ ही मैदा पचाने में भी काफी मुश्किल होता है। जिसकी वजह से यह आंत में चिपक कर उन्हें ब्लॉक कर सकता है।

मोमोज खाने से बढ़ता है मोटापा

मैदे से बने मोमोज बेचने वाले कुछ लोग टेस्ट बढ़ाने के लिए केमिकल का यूज करते हैं। इस केमिकल को मोनोसोडियम ग्लूटामैट कहा जाता है। इसका इस्तेमाल टेस्ट बढ़ाने और उसे सुगंधित बनाने में किया जाता है। जब इस केमिकलयुक्त मैदे को खाया जाता है तो इससे मोटापा बढ़ता है। ब्रेन और नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और सीने में दर्द के साथ बीपी बढ़ने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

ब्लीडिंग का खतरा

मोमोज के साथ लाल मिर्च की चटनी को भी सर्व किया जाता है। ये चटनी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इस तरह की उत्तेजक चटनी को खाने से आप पाइल्स और गैस्ट्राइटिस जैसी समस्याओं से जूझ सकते हैं। इसके अलावा यह चटनी पेट और आंतों में ब्लीडिंग होने के खतरे को भी बढ़ाती है।

इंफेक्शन का डर

मोमोज इंफेक्शन और बच्चों में नया खून बनने की प्रक्रिया को धीमा बनाने का काम कर सकता है। इसके अलावा कुछ जगह नॉन-वेज मोमोज भी बनाए जाते हैं। इन मोमोज में अधिकतर डेड एनिमल्स के मीट को मिलाया जाता है या फिर अधिक समय तक रखा रहने से यह नुकसानदायक हो जाता है। इस स्थित में आपको इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है।

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