भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसकी वजह है हमारी बदलती लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान। एक बार डायबिटीज हो जाने के बाद इसे पूरी तरह ठीक करना आसान नहीं होता, लेकिन हेल्दी डाइट और सही जीवनशैली से इसे नियंत्रित जरूर किया जा सकता है। आयुर्वेद में कई ऐसे फूड्स बताए गए हैं जो शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में सहायक होते हैं, उन्हीं में से एक है मूंग दाल। मूंग दाल को दालों की रानी कहा जाता है और इसे आयुर्वेद में भी काफी महत्व दिया गया है।
इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो न सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में मूंग दाल को जरूर शामिल करना चाहिए।
मूंग दाल में प्रोटीन, फाइबर, फ्लेवोनोइड्स, फिनोलिक एसिड, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और लिपिड जैसे जरूरी तत्व मौजूद होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीडायबिटिक गुण भी होते हैं, जिससे कई बीमारियां शरीर से दूर रहती हैं।
डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण
मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स सिर्फ 38 होता है, जो इसे डायबिटीज के लिए एक बेहतरीन फूड बनाता है। इससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। मूंग दाल को अंकुरित करके खाना और भी ज्यादा फायदेमंद है। रातभर पानी में भिगोकर, फिर सूती कपड़े में बांधकर अंकुरित मूंग सुबह खाएं।
कोलेस्ट्रॉल भी होगा कंट्रोल
मूंग दाल एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करती है। इससे हार्ट हेल्थ भी दुरुस्त रहती है।
मूंग दाल को पीसकर फेस पैक के तौर पर लगाने से त्वचा साफ, मुलायम और दमकती नजर आती है। यह मुंहासों और खुजली में भी राहत देती है।
मूंग दाल में मौजूद फाइबर और प्रोटीन भूख को काबू में रखते हैं। इससे बार-बार खाने की आदत कम होती है और मोटापा घटाने में मदद मिलती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।