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26/11 Mumbai Attack: 26/11 हमले को नहीं रोक पाने के लिए इस्तीफा देना चाहते थे तत्कालीन RA&W चीफ, पढ़ें पूरी कहानी

रॉ की तरफ से भेजे गए अलर्ट में साफ-साफ नाम लेकर नरीमन हाउस सहित संभावित टारगेट को लिस्टेड किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 26, 2021 पर 5:47 PM
26/11 Mumbai Attack: 26/11 हमले को नहीं रोक पाने के लिए इस्तीफा देना चाहते थे तत्कालीन RA&W चीफ, पढ़ें पूरी कहानी
26/11 Mumbai Attack Taj Hotel (FILE)

27 नवंबर, 2008 की शाम... मुंबई में हुए सबसे घातक आतंकी हमलों के एक दिन बाद, जिसे हम-सब 26/11 (26/11 Mumbai Attack) के नाम से याद करते हैं, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RA&W) के सचिव अशोक चतुर्वेदी ने तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) से मुलाकात की और इस हमले को पहले रोके न जाने और इटेलिजेंस फेल होने की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की पेशकश की। इस आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए और 293 घायल हो गए थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चतुर्वेदी ने मुंबई पुलिस की तरफ से एक्शन और कार्रवाई के लिए रॉ की तरफ से खुफिया ब्यूरो (IB) के मल्टी-एजेंसी सेंटर को भेजे गए प्रमुख आतंकी हमले पर सभी प्रासंगिक खुफिया अलर्ट दिखाए।

तत्कालीन संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय संपर्क) अनिल धस्माना की तरफ से IB को विशिष्ट अलर्ट भेजे गए थे। इन अलर्ट को US सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी और इजरायल की मोसाद (Mossad) जैसी एजेंसियों की मदद से इकट्ठा किया गया था।

रॉ की तरफ से भेजे गए अलर्ट में साफ-साफ नाम लेकर नरीमन हाउस सहित संभावित टारगेट को लिस्टेड किया गया था। इसमें भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को एजेंसी की तरफ से 20 नवंबर, 2008 को जारी किया गया अलर्ट भी था, जो उस समय काठियावाड़ प्रायद्वीप से दूर समुद्र में गुजरात युद्ध अभ्यास में शामिल थे। इसमें घुसपैठ करने वाले जहाज अल हुसैनी के बारे में बताया गया था, जिसने कराची में केटी बंदर से अपनी यात्रा शुरू की थी।

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