घर खरीदने वाले 76% लोग RERA के बारे में जानते हैं लेकिन केवल 22% हैं इससे संतुष्ट- सर्वे

सर्वे के मुताबिक अभी भी रेरा की उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रक्रिया में कई खामियां हैं

अपडेटेड Jul 30, 2021 पर 12:03 AM
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एक सर्वेक्षण के मुताबिक रेरा (RERA) के प्रावधानों समझने, अधिक पारदर्शिता के जरिये से स्टेकहोल्डर्स का विश्वास बढ़ाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया में सुधार करने के लिए बहुत सारे काम किए जाने हैं। इस सर्वेक्षण में शामिल 30 प्रतिशत उपभोक्ता अभी भी रेरा की भूमिका से अनजान थे।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मई में कहा था कि WBHIRA एक समानांतर शासन बनाता है और केंद्र के रियल एस्टेट (विनियमन और विकास(Regulation and Development) अधिनियम (RERA) के साथ सीधे टकराव की स्थिति में है। कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि राज्य के कानून ने संसद के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है और इसलिए यह असंवैधानिक है।

इस समय अधिकतम 76 प्रतिशत उपभोक्ता RERA के बारे में जानते हैं और केवल RERA पंजीकृत संपत्तियां खरीदने की योजना बना रहे हैं और 6 में से 5 घर खरीदारों ने RERA के जरिये शिकायत निवारण की मांग की है। इस सर्वेक्षण 5 भारतीय राज्यों में RERA के प्रदर्शन का आकलन किया गया है।

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक के स्टेकहोल्डर्स के मुताबिक RERA उपभोक्ता के आत्मविश्वास को बढ़ाने जवाबदेही तय करने के लिए प्रभावी रहा है।

सर्वेक्षण में कहा गया है कि इसकी वजह से उपभोक्ता जागरूकता बढ़ी है, लेकिन कानून के विशिष्ट प्रावधानों को अभी भी अच्छी तरह से समझा नहीं गया है। इससे यह भी पता चलता है कि शिकायत निवारण प्रक्रिया के लागू किये जाने में अभी कई खामियां हैं।

सर्वे में बताया गया है कि इन खामियों के कारण शिकायत निवारण प्रक्रिया में शामिल केवल 22 प्रतिशत उपभोक्ता अनिश्चित समयसीमा के कारण संतुष्ट थे। सर्वेक्षण बताता है कि सभी योग्य प्रोजेक्ट्स में से 77 प्रतिशत को रेरा के तहत पंजीकृत किया गया है।


इसमें कहा गया है कि दो में से एक यानी केवल 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अधिनियम के सिर्फ दो लाभों के बारे में जानकारी होने की बात कही। जिसमें से एक संबंधित प्रोजेक्ट्स का अनिवार्य पंजीकरण होना और दूसरा शिकायत निवारण मंच के रूप में RERA का मौजूद होना है।

Omidyar Network India and Boston Consulting Group द्वारा किये गये सर्वेक्षण की रिपोर्ट को कल यानी 28 जुलाई को भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव (हाउसिंग) सुरेंद्र बागडे, Omidyar Network India की पार्टनर शिल्पा कुमार और Boston Consulting Group की प्रबंध निदेशक और पार्टनर नीतू वसंता द्वारा जारी किया गया। इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, राज्यों के  मुख्यमंत्रियों, रेरा अधिकारियों के साथ ही सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों को भी सौंपा जायेगा।

इस अवसर पर शिल्पा कुमार ने कहा कि यह रिपोर्ट इस सेक्टर में उपभोक्ता के भरोसे को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने, बेहतर RERA websites और फोकस्ड शिकायत निवारण पर अधिक ध्यान देने की जरूरतों की ओर इशारा करती है। यह बेहतर हाउसहोल्ड बैलेंस शीट के साथ-साथ भारत के विकास पथ को आगे बढ़ा सकता है। इसके अलावा, रिपोर्ट से पता चलता है कि अच्छे कानून का उसके घटकों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।  

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