अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के अंतर्गत भारतीय सेना में चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही ऊपरी आयु-सीमा मानदंडों में भी छूट की घोषणा की गई है। हालांकि, आयु सीमा में छूट इस बात पर निर्भर करेगी कि वे पहले बैच का हिस्सा हैं या बाद के बैचों के। गृह मंत्रालय ने 6 मार्च को एक अधिसूचना के माध्यम से यह घोषणा की है।
इससे पहले केंद्र ने असम राइफल्स (Assam Rifles) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में भी अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणा कर चुका है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, कॉस्टेबल के पद के लिए पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को आयु सीमा में पांच साल की छूट प्रदान की जाएगी। जबकि पूर्व अग्निवीरों के बाद के सभी बैचों को उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने 6 मार्च को एक अधिसूचना के माध्यम से यह घोषणा की है। अधिसूचना में कहा गया है केंद्र सरकार ने BSF के भीतर रिक्तियों में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। साथ ही ऊपरी आयु-सीमा मानदंडों में छूट दी है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि वे पहले बैच का हिस्सा हैं या बाद के बैचों का।"
केंद्र सरकार ने घोषणा की कि कॉन्स्टेबल के पद से संबंधित भाग के नियमों में बदलाव किया जाएगा। साथ ही ऊपरी आयु सीमा में छूट वाले नोट डाले जाएंगे। इससे पहले केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि चार साल की सेवा होने के बाद केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल्स में 10 फीसदी रिक्तियां अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी।
पिछले साल केंद्र ने अग्निपथ योजना का किया था ऐलान
बता दें कि पिछले साल 14 जून को सरकार ने तीनों सेवाओं (सेना, नौसेना और वायु सेना) में सैनिकों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। यह योजना चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा करने अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले युवाओं को अग्निवीर नाम दिया जाएगा।
हालांकि चार साल के बाद प्रत्येक बैच के केवल 25 प्रतिशत जवानों को ही 15 साल की अवधि के लिए उनकी संबंधित सेवाओं में रखा जाएगा। विपक्षी दलों ने इस कवायद की आलोचना की है लेकिन सरकार ने कहा है कि यह सशस्त्र बलों को अधिक युवा बनाएगी और इसकी मौजूदा जरूरतों को पूरा करेगी।