Amravati Murder Case: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) में एक केमिस्ट (दवा व्यापारी) की हत्या (Chemist Murder) की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी। PTI के मुताबिक, MHA के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि NIA केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के पीछे की साजिश की जांच करेगी, जिसकी 21 जून को हत्या कर दी गई थी।
प्रवक्ता ने कहा कि NIA संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की किसी भी तरह की संलिप्तता की भी गहन जांच करेगी। 54 साल के केमिस्ट की हत्या के मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कैमिस्ट उमेश प्रह्लादराव कोल्हे (Umesh Prahladrao Kolhe) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा (Nupur Sharma) के समर्थन में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कुछ टिप्पणी की थी। अधिकारियों ने संदेह जताया है कि इसी पोस्ट को लेकर कुछ लोगों ने उमेश की हत्या कर दी।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, 21 जून को हुई उमेश की हत्या के सिलसिले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गौरतलब है कि नुपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके खिलाफ देश और दुनिया के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे।
अमरावती की पुलिस कमिश्नर डॉ. आरती सिंह ने शनिवार को कहा, "केमिस्ट की हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगो में मुदसिर अहमद, शाहरुख पठान, अब्दुल तौफीक, शोएब खान और आतिब राशिद शामिल हैं। एक स्थानीय अदालत ने उन्हें 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
वहीं मुख्य आरोपी इरफान खान (32) की तलाश जारी है, जो एक NGO चलाता है।" यह घटना राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या से एक हफ्ते पहले की है।
अमरावती सिटी कोतवाली थाने के एक अधिकारी ने कहा, "उमेश अमरावती शहर में एक दवा की दुकान चलाता था। उसने कथित तौर पर नुपुर शर्मा के समर्थन में कुछ Whatsapp ग्रुप में एक पोस्ट शेयर की थी। उमेश ने गलती से यह पोस्ट एक ऐसे Whatsapp ग्रुप में भेज दिया था, जिसमें दूसरे समुदाय के सदस्य भी थे।"
अधिकारी के मुताबिक, इरफान खान नाम के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उमेश की हत्या की साजिश रची और इसके लिए पांच लोगों की मदद ली। उन्होंने बताया कि इरफान ने उन पांच लोगों को 10-10 हजार रुपए देने और एक कार में सुरक्षित रूप से फरार होने में मदद करने का वादा भी किया था।