उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) को गुरुवार में बड़ी सफलता हासिल की, जब उसने दोपहर में राज्य के मेरठ (Meerut) जिले में हुई एक मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना (Anil Dujana) को ढेर कर दिया। गैंगस्टर अनिल दुजाना जिला गौतम बुद्ध नगर के बादलपुर थाना क्षेत्र के दुजाना गांव का रहने वाला था। अनिल दुजाना का असली नाम अनिल नागर था।
मारे गए दुजाना का पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में खौफ था और वह एक संगठित आपराधिक गिरोह चलाता था। मारे गए गैंगस्टर के खिलाफ हत्या, रंगदारी, डकैती, जमीन हड़पने, बेदखली समेत 62 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद की हत्या के बाद यूपी एसटीएफ की ये दूसरी हाई प्रोफाइल मुठभेड़ है। असद कथित रूप से उमेश पाल की हत्या में फरार था।
दिसंबर 2022 में अनिल दुजाना को दिल्ली पुलिस ने मयूर विहार इलाके से गिरफ्तार किया था। दुजाना के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम था। गैंगस्टर उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में था।
उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), गुंडा अधिनियम समेत कई आरोपों में मामला दर्ज किया गया था।
जेल से चलाता था अपना माफिया साम्राज्य
2012 में ट्रिपल मर्डर केस में पकड़े जाने के बाद अनिल दुजाना ने दूसरे अपराधियों रणदीप भाटी और अमित कसाना की मदद से जेल से ही अपना आपराधिक साम्राज्य चलाना शुरू कर दिया था। दुजाना ने जेल में बैठकर हत्या, रंगदारी और दूसरे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई और अपने सहयोगियों को निर्देशित किया।
दुजाना और भाटी गैंग की दुश्मनी
दुजाना परिवार की सुंदर भाटी गैंग से लंबे समय से दुश्मनी चल रही थी। 2012 में दुजाना और उसके गिरोह ने सुंदर भाटी और उसके करीबियों पर AK-47 राइफल से हमला किया था। सरकारी ठेकों, स्टील बार की चोरी और टोल प्लाजा के ठेकों को लेकर दोनों प्रतिद्वंद्वी गैंग अक्सर आमने-सामने आ जाते थे। भाटी गैंग की धमकी के चलते ही पुलिस दुजाना को बुलेटप्रूफ जैकेट में कोर्ट ले जाती थी।