Manipur Violence: हिंसा के बाद मणिपुर में सेना तैनात! 8 जिलों में लगा कर्फ्यू, मोबाइल इंटरनेट बंद, मैरी कॉम ने PM मोदी से मांगी मदद

Manipur Violence: एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन कई आंदोलनकारी पहाड़ियों के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों को लौटने लगे हैं। मणिपुर में आदिवासियों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है

अपडेटेड May 04, 2023 पर 11:13 AM
Manipur Violence: मणिपुर के आठ जिलों में बुधवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और पूरे पूर्वोत्तर राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं (Photo- @MangteC)

Manipur Violence: आदिवासी आंदोलन के दौरान हिंसा को लेकर मणिपुर के आठ जिलों में बुधवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और पूरे पूर्वोत्तर राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन कई आंदोलनकारी पहाड़ियों के विभिन्न हिस्सों में अपने घरों को लौटने लगे हैं। पीटीआई के मुताबिक, मणिपुर में आदिवासियों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है।

मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) कैटेगरी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए छात्रों के एक संगठन द्वारा आहूत आदिवासी एकता मार्च में हिंसा भड़क गई थी। ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (ATSUM) ने कहा कि मैतेई समुदाय को एसटी कैटेगरी में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है, जिसके खिलाफ उसने मार्च आहूत किया।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया और इस दौरान तोरबंग इलाके में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच हिंसा की खबरें आईं।

8 जिलों में लगा कर्फ्यू, इंटरनेट बंद


अधिकारी ने कहा कि स्थिति को देखते हुए, गैर-आदिवासी बहुल इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम और बिष्णुपुर जिलों और आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, राज्यभर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू है। कर्फ्यू लगाने संबंधी अलग-अलग आदेश आठ जिलों के प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं।

सेना ने हिंसा पर किया काबू

हिंसा के बाद बुधवार रात सेना और राज्य पुलिस के एक संयुक्त बल ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने में कामयाब रहे। अतिरिक्त बल आने से सुबह तक हिंसा पर काबू पा लिया गया। सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 4,000 लोगों को सुरक्षाबलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया है।

उन्होंने बताया कि और भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि रात में सेना और असम राइफल्स की मांग की गई थी और राज्य पुलिस के साथ बलों ने सुबह तक हिंसा पर नियंत्रण पा लिया। उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

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मैरी कॉम ने PM मोदी से मांगी मदद

मणिपुर में हुई हिंसा के बाद भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम (M C Mary Kom) ने देर रात ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी। मैरी कॉम ने देर रात करीब 2:47 बजे ट्वीट कर लिखा, "मेरा राज्य मणिपुर जल रहा है। कृपया मदद कीजिए।" उन्होंने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग करते हुए मणिपुर में आगजनी की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मणिपुर हिंसा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिया।

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