बलात्कार के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू बाबा आसाराम बापू (Asharam Bapu) को जोधपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, आसाराम को रेप मामले में जमानत नहीं मिली है बल्कि सुप्रीम कोर्ट में उसके पैरोकार द्वारा झूठे दस्तावेज पेश करने के मामले में मिली है। आसाराम अन्य मामलों में सजा के चलते फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। दरअसल, यह जमानत आसाराम की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले में मिली है। आसाराम रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, इसलिए वह जमानत के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। जोधपुर के एक आश्रम में 2013 में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में एक निचली अदालत ने 2018 में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट में पैरोकार द्वारा झूठे दस्तावेज पेश करने के मामले में हाई कोर्ट के जस्टिस कुलदीप माथुर की कोर्ट से सोमवार को आसाराम को ये जमानत मिली। साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की तरफ से जोधपुर सेंट्रल जेल की डिस्पेंसरी का एक मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया था। इसमें आसाराम की कई गंभीर बीमारियों का जिक्र किया गया था। इस सर्टिफिकेट की सुप्रीम कोर्ट ने जांच करवाई तो मामला फर्जी निकला।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जोधपुर के रातानाडा थाने में आसाराम के पैरोकार रविराय पर FIR दर्ज हुई और मामले में आसाराम को भी आरोपी बनाया गया। इस मामले में 18 जनवरी को आसाराम को सीजेएम मेट्रो कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में आसाराम को आरोप सुनाए गए। इसके बाद आसाराम के वकील ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। वकील नीलकमल बोहरा और गोकुलेश बोहरा ने आसाराम का पक्ष रखा था।
गांधीनगर की एक अदालत ने इसी साल फरवरी में दुष्कर्म के मामले में आरोपी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। रेप का यह मामला आसाराम के खिलाफ साल 2013 में दर्ज हुआ था। हालांकि, पीड़िता के साथ दुष्कर्म 2001 से 2006 के बीच हुआ था। पीड़िता की बहन ने ही आसाराम के बेटे नारायण साईं के खिलाफ भी रेप का केस दर्ज कराया था। इस मामले में नारायण साईं को अप्रैल 2019 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
अभी जिस मामले में आसाराम को सजा सुनाई गई है, उसकी FIR 2013 में अहमदाबाद के चांदखेड़ा पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई थी। FIR के मुताबिक, पीड़ित महिला के साथ अहमदाबाद शहर के बाहर बने आश्रम में 2001 से 2006 के बीच कई बार जबरन बलात्कार हुआ था।