बांग्लादेश में जारी हिंसा और उपद्रव को देखते हुए, भारत-बांग्लादेश की सीमा पर सुरक्षाकर्मियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। बढ़ती अराजकता और हिंसा के डर से बड़े पैमाने पर बंग्लादेशी नागरिक देश छोड़ने की जद्दोजहद में लगे हैं। कई लोग ये जाहते हैं, वे अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़ जाएं। इसी कड़ी में बिहार से किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर थाना क्षेत्र से सटे बांग्लादेश की सीमा पर सैकड़ो बांग्लादेशी नागरिक आ गए और भारत से शरण मांगने लगे।
बांग्लादेशी नागरिकों के बॉर्डर पर इकट्ठा होने की जानकारी मिलने के बाद BSF कमांडेंट अजय शुक्ला, इस्लामपुर थाने के SP जेबी थॉमस पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, हालत का जायजा लेने के साथ-साथ इन अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के सहयोग से सभी नागरिकों को वापस उनके गांव भेज दिया है।
सीमा सुरक्षा बल (SSB) की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर बताया गया कि नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर के अधीनस्थ दो जगहों पर घुसपैठ की कोशिश की गई, जहां अधिकारियों और जवानों की ओर से समझा बुझा कर सभी को वापस भेज दिया गया है।
BSF की तरफ से बताया गया की स्थिति को देखते हुए सभी BOP पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे सख्त निगरानी का निर्देश दिया गया है।
रिलीज में कहा गया है की BSF उत्तर बंगाल फ्रंटियर सीमा सुरक्षा बनाए रखने और क्षेत्र में सभी व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सेनाएं स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं और किसी भी घटनाक्रम का जवाब देने के लिए तैयार हैं।