Bangladesh Crisis: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार (6 अगस्त) को कहा कि शेख हसीना की भारत में मौजूदगी एक शिष्टाचारपूर्ण कदम है, जबकि केंद्र सरकार बांग्लादेश में स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि इसके दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन कर रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है। इस बीच, भारत सरकार बांग्लादेशी सेना के संपर्क में भी है।
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हसीना को भारत आए 24 घंटे भी नहीं बीते हैं और वह सदमे में हैं। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि सरकार हसीना को सदमे से उबरने के लिए समय दे रही है। इसके बाद वह उनकी भविष्य की योजनाओं सहित अन्य मुद्दों पर उनसे बात करेगी।
राहुल गांधी समेत विपक्ष ने सहयोग का दिया आश्वासन
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार को अपना पूरा सहयोग देने की बात कही। वाईएसआर कांग्रेस नेता वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि उनकी पार्टी देश हित में सरकार का समर्थन करती है। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। हसीना सोमवार रात बांग्लादेशी वायुसेना के AC-130 जे सैन्य विमान से भारत पहुंचीं। बताया जा रहा है कि उनकी लंदन जाने की योजना है।
10 हजार से अधिक भारतीय छात्र फंसे
सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन में राजनीतिक दलों के नेताओं को बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत पड़ोसी देश में मौजूद 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बांग्लादेशी सेना के संपर्क में है।
विदेशी सरकारों की है भूमिका?
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं के सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में अराजकता में विदेशी सरकारों की भूमिका से इनकार नहीं किया। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हालात बहुत संवेदनशील हैं और सरकार पड़ोसी देश के घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है। सूत्रों ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में राहुल ने पूछा कि क्या बांग्लादेश में अराजकता को बढ़ावा देने में विदेशी सरकारों का हाथ हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों के घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। बैठक के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर लिखा, "आज संसद में एक सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान जताए गए सर्वसम्मत समर्थन और तालमेल के लिए सभी दलों की सराहना करता हूं।"
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में सरकार ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पीटीआई से कहा, "जहां तक राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित का सवाल है, कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से सरकार के साथ है।" हालांकि, कार्ति बैठक में मौजूद नहीं थे।
सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) केटीआर बालू, राष्ट्रीवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सुप्रिया सुले सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।