Bangladesh Crisis: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़कर भागने के बाद जारी हिंसा के बीच बांग्लादेश के खुलना डिवीजन में स्थित मेहरपुर में एक इस्कॉन मंदिर में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। इस्कॉन मंदिर पर हमला हिंसक प्रदर्शन के दौरान हुई। पिछले 24 घंटों में बांग्लादेश में कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया है। इस्कॉन के प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने घटना की पुष्टि करते हुए इंडिया टुडे से कहा, "मुझे मिली जानकारी के अनुसार, मेहरपुर में हमारे एक इस्कॉन केंद्र को जला दिया गया जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी की मूर्तियां भी शामिल थीं। केंद्र में रहने वाले तीन भक्त किसी तरह भागने में सफल रहे और बच गए।"
हसीना के निष्कासन के बाद बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। अशांति के बीच लगातार हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के नेता काजोल देबनाथ ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि सोमवार को कम से कम चार हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया और उन्हें मामूली नुकसान पहुंचा।
4 मंदिरों को बनाया निशाना
प्रत्यक्षदर्शियों और समुदाय के नेताओं ने पीटीआई को बताया, "बांग्लादेश की राजधानी में सोमवार को उपद्रवी भीड़ ने एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में तोड़फोड़ की और देशभर में चार हिंदू मंदिरों को मामूली क्षति पहुंचाई।" हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की नेता काजोल देबनाथ ने कहा कि उन्हें खबर मिली है कि देशभर में कम से कम चार हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया। प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को लेकर हिंदू समुदाय के कुछ नेता चिंतित हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बांग्लादेश की राजधानी के धानमंडी इलाके में स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (आईजीसीसी) और बंगबंधु स्मारक संग्रहालय को एक उपद्रवी भीड़ ने सोमवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। 'ढाका ट्रिब्यून' अखबार की खबर के अनुसार, सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने ढाका में कई प्रमुख स्थानों पर आगजनी की, जिसमें धानमंडी 32 स्थित बंगबंधु भवन भी शामिल है, जिसे बंगबंधु स्मारक संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है। यह संग्रहालय हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान को समर्पित है, जिनकी 1975 में राष्ट्रपति रहने के दौरान हत्या कर दी गई थी।
भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में भी तोड़फोड़
मंदिरों पर हमलों के अलावा, ढाका में एक भारतीय सांस्कृतिक केंद्र में भी एक अनियंत्रित भीड़ ने तोड़फोड़ की। भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र को हिंसा में नुकसान पहुंचा। राजधानी में प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख स्थानों पर आग लगा दी, जिसमें बंगबंधु भवन भी शामिल है, जो बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान का निजी निवास है।
बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के दबाव में शेख हसीना ने सोमवार को चुपके से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर भाग गईं। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-ज़मान ने घोषणा की है कि एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा बंद करने का आह्वान किया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश छोड़ना पड़ा है। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने घोषणा की कि अंतरिम सरकार बनाई जा रही है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से हिंसा बंद करने का आग्रह किया।
इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र का मार्च 2010 में औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया था। यह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक संगोष्ठियों, कार्यशालाओं का आयोजन करने तथा योग, हिंदी भाषा, भारतीय शास्त्रीय संगीत और कथक तथा मणिपुरी जैसे भारतीय नृत्यों के लिए भारतीय गुरुओं, पेशेवरों और प्रशिक्षकों को नियुक्त कर भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देता है।