भारतीय बैंकों ने नीरव मोदी (Nirav Modi) और विजय माल्या (Vijay Mallya) जैसे भगोड़ों की संपत्तियां बेचकर 13,109 करोड़ रुपये की वसूली की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। वित्त मंत्री ने बताया कि जिन संपत्तियों को बेचकर यह वसूली की गई है, उन संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जब्त की थी।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि इसके अलावा पिछले 7 सालों में विभिन्न समझौते और उपायों के जरिए बैंकों ने 5.49 लाख करोड़ रुपये की वसूली की है।
ब्रिटेन की एक अदालत ने विजय माल्या को दिवालिया घोषित कर दिया है। इससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुआई वाले भारतीय बैंकों के एक समूह के लिए दुनिया भर में स्थित विजय माल्या की संपत्तियों को जब्त करने का रास्ता थोड़ा आसान हो गया है। माल्या पर अपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए गए करीब 9,000 करोड़ के लोन और उस पर ब्याज नहीं चुकाने का आरोप है। माल्या फिलहाल इंग्लैंड में है।
वहीं नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर लोन में धोखाधड़ी कर पंजाब नेशनल बैंक को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। नीरव मोदी भी फिलहाल इंग्लैंड में है, जबकि मेहुल चोकसी एंटीगुआ में है।
2016 से ब्रिटेन में है माल्या
माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में है। वह अपनी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज चूक मामले में एक आरोपी है। वह स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस द्वारा तामील कराये गए एक प्रत्यर्पण वारंट मामले में जमानत पर है। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 2 नवंबर को केंद्र से भारत में माल्या के प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन में लंबित गोपनीय कानूनी कार्यवाही पर छह सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।