Beer Price Hike: बीयर के शौकीनों के लिए आज एक बुरी खबर है। अगर आप बीयर पीने के काफी शौकीन हैं तो अब आपको इसके लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। अब बीयर की हर बोतल या कैन के लिए 15 प्रतिशत ज्यादा कीमत चुकानी होगी। बीयर की बढ़ी हुई कीमतें आज से लागू भी कर दी गई हैं। सरकार ने एक आदेश में ये भी कहा गया है कि, पुरानी MRP वाली बीयर की बोतलों और कैन की बिक्री भी नए रेट के हिसाब से होगी। हांलाकि राहत की बात ये है ये बढ़ी हुई कीमते सबको नहीं चुकानी होगी। ये आदेश तेंलगाना सरकार ने दिया है।
बीयर पीने वालों को यहां लगा तगड़ा झटका
बता दें कि तेलंगाना में मंगलवार से बीयर की कीमतों में 15% की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह बढ़ोतरी तब हुई जब यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (यूबीएल) ने राज्य में लगातार एक जैसी कीमतों के कारण नुकसान होने की बात कही। इसी वजह से उन्होंने तेलंगाना बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीजीबीसीएल) को किंगफिशर और हेनेकेन बीयर की सप्लाई रोकने का फैसला किया था। राज्य सरकार ने टीजीबीसीएल को तीन सदस्यीय समिति की सिफारिशें लागू करने की मंजूरी दी, जिसके बाद बीयर की कीमतें बढ़ा दी गई हैं।
सोमवार देर रात जारी आदेश के मुताबिक, नई दरें आईएमएफएल डिपो के स्टॉक और ट्रांजिट में मौजूद स्टॉक पर लागू होंगी। बीयर कंपनियों ने 33% बढ़ोतरी की मांग की थी लेकिन सरकार ने उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए इसे 15% तक सीमित रखा। अधिकारियों ने बताया कि पिछली दो बार बीयर की कीमत सिर्फ 6% बढ़ी थी, इसलिए कंपनियों को यह बढ़ोतरी स्वीकार करनी चाहिए। बता दे कि भारत में तेलंगाना बीयर की खपत के मामले में सबसे आगे है और यहां शराब से ज्यादा बीयर की बिक्री होती है। मूल्य निर्धारण समिति में एक रिटायर्ड जज, एक पूर्व आईएएस अधिकारी और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल थे। उन्होंने बीयर के कच्चे माल की बढ़ती कीमत और पड़ोसी राज्यों में इसकी दरों को ध्यान में रखकर फैसला लिया।
तेंलगाना में सबसे ज्यादा बेची जाती है बीयर
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना में 9 डिस्टिलरी और 6 बीयर फैक्ट्रियां हैं, जिनमें से एक यूबीएल की है। इसके अलावा, 7 अन्य कंपनियां भी बीयर बेचती हैं लेकिन उनका उत्पादन दूसरे राज्यों में होता है। कुल मिलाकर, राज्य में 51 शराब और बीयर कंपनियां हैं जो 2,620 शराब की दुकानों और 1,117 बार-पब के जरिए 1,031 तरह की शराब और बीयर बेचती हैं। इनमें 50 लोकल ब्रांड और 36 बाहरी ब्रांड शामिल हैं। हर महीने तेलंगाना में 45-55 लाख बीयर केस बिकते हैं, जबकि हार्ड शराब की बिक्री 30-35 लाख केस होती है, जिससे यह राज्य बीयर खपत में सबसे आगे है।
यूबीएल ने टीजीबीसीएल को बीयर की आपूर्ति रोक दी है। कंपनी का कहना है कि 2019-20 से उनकी बीयर की मूल कीमत नहीं बढ़ाई गई, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ। साथ ही, टीजीबीसीएल ने उनकी पिछली आपूर्ति का पूरा भुगतान नहीं किया। सरकार पर कुल 3,600 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें से यूबीएल का 658 करोड़ रुपये से ज्यादा बाकी है। इसमें 2,400 करोड़ रुपये पिछली सरकार के समय का बकाया है। यूबीएल और ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कई बार सरकार से कीमतें बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। कंपनी ने बताया कि वह हर साल राज्य के राजस्व में 24,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान देती है।