बृजभूषण शरण सिंह: अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़ा नाम, टाडा में गए जेल, अब पहलवानों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, WFI के अध्यक्ष का विवादों से रहा पुराना नाता
बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), साक्षी मलिक (Sakshi Malik), विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) समेत भारत के टॉप कुश्ती चैंपियन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं। बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया है। सिंह ने कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम बोल दें, तो सुनामी आ जाए। मैं किसी के एहसान से यहां नहीं पहुंचा हूं, मैं चुनकर अध्यक्ष बना हूं। मुझे जनता ने चुना है"
बृजभूषण शरण सिंह: अंडरवर्ल्ड के साथ जुड़ा नाम, टाडा में गए जेल, अब पहलवानों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 66 साल के सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) पर भारत के शीर्ष पहलवानों (Wrestlers) की तरफ से काफी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहलवानों की तरफ से उन पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद बृजभूषण बड़े विवाद में फंस गए हैं। बजरंग पुनिया (Bajrang Punia), साक्षी मलिक (Sakshi Malik), विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) समेत भारत के टॉप कुश्ती चैंपियन शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और फेडरेशन में 'तानाशाही' करने का आरोप लगाया है।
हालांकि, बृजभूषण सिंह ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया है। सिंह ने कहा कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम बोल दें, तो सुनामी आ जाए। मैं किसी के एहसान से यहां नहीं पहुंचा हूं, मैं चुनकर अध्यक्ष बना हूं। मुझे जनता ने चुना है।"
कौन हैं बृजभूषण शरण सिंह?
गोंडा से आने वाले बृजभूषण सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन के जरिए सक्रिय राजनीति में एंट्री की। राजनीतिक हलकों में उन्हें एक "दबंग या "शक्तिशाली" नेता के रूप में जाना जाता है। सिंह ने अपनी जवानी के ज्यादातर दिन उत्तर प्रदेश में अयोध्या के अखाड़ों में बिताए हैं।
6 बार के सांसद रहे सिंह, 5 बार BJP के टिकट पर जीते, और एक बार 2009 में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीते। उनका राजनीतिक रसूख उत्तर प्रदेश में उनके मूल जिले गोंडा के आसपास के आधा दर्जन जिलों में फैला हुआ है। वह गोंडा और बलरामपुर सीट से जीते और अब कैसरगंज से सांसद हैं। उनके बेटे प्रतीक भूषण भी गोंडा सदर से दो बार के विधायक हैं।
राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे
उनके 2019 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी भागीदारी ने उन्हें कानूनी संकट में डाल दिया था। बाबरी विध्वंस मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अयोध्या में उनके प्रभाव के बाद ही पार्टी ने उन पर ध्यान दिया। हालांकि, उन्हें साल 2020 में CBI की स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
1991 में उन्हें गोंडा लोकसभा सीट से उतारा गया और चुनाव जीता। 1996 में, जब उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, तो उनकी पत्नी केतकी देवी सिंह चुनावी मैदान में उतरीं और जीतीं भी।
अपने इस शानदार रिकॉर्ड की बदौलत ही, बृजभूषण सिंह 10 सालों से रेसलिंग फेडरेशन इंडिया (WFI) के अध्यक्ष और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग-एशिया के उपाध्यक्ष रहे। वो बात और है कि उनकी सत्तारूढ़ पार्टी और UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अनबन भी रही।
विवादों से रहा पुराना नाता
बृजभूषण शरण सिंह का नाम एक बार अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ भी जोड़ा गया था। उन पर अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे थे।
दरअसल अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के जीजा इब्राहिम कसकर की हत्या करने वालों को शरण देने का आरोप सिंह पर लगा था। वो टाडा एक्ट में जेल भी जा चुके हैं।
ये हत्या अरुण गवली गैंग के शूटर शैलेश हाल्दनकर और विपिन ने की थी। इन दोनों को शरण देने आरोप बृजभूषण सिंह पर लगा था। हालांकि बाद में CBI ने उन्हें क्लीनचिट दे दी और कोर्ट से भी वह रिहा हो गए।
बृजभूषण पर एक बड़े नेता पर जानलेवा हमले का भी आरोप लगा है। साल 1993 में सिंह पर समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह पर जानलेवा हमला कराने का भी आरोप लगा था। ये हमल नवाबगंज कोतवाली क्षेत्र में हुआ था।
हालांकि, बाद में कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। ऐसा भी कहा जाता है कि इस केस में मुख्य गवाह पंडित सिंह कभी गवाही देने नहीं गए थे। बृजभूषण शरण सिंह ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया था।
हाल ही में बृजभूषण सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसमें उन्हें कुश्ती के एक खिलाड़ी को भरे मंच पर सबके सामने थप्पड़ मारते दिखाया गया था। घटना 15 दिसंबर 2021 को रांची के खेलगांव में आयोजित की गई अंडर-15 नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान की थी, जब उन्होंने एक रेसलर को मंच पर ही थप्पड़ मार दिया था।
इस बीच, यौन उत्पीड़न के आरोपों का खंडन करते हुए WFI विवाद में सिंह ने कहा, "किसी भी आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। मुझे क्यों पद छोड़ना चाहिए? यहां तक कि अगर एक महिला पहलवान भी आती है और यौन उत्पीड़न के आरोप को साबित करती है, तो मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं। इसके पीछे एक उद्योगपति है। CBI या पुलिस की जांच हो सकती है। कोई तानाशाही नहीं है। ये वही पहलवान मुझसे एक हफ्ते पहले मिले थे और तब उन्होंने कुछ नहीं कहा था।"